BREAKING:
बांग्लादेश में चीन बना रहा ड्रोन, बॉर्डर के पास फैक्ट्रियां, कैसे बन रहा भारत की सुरक्षा के लिए खतरनाक?       Ajit Pawar जिस विमान से यात्रा कर रहे थे, वह कौन-सा था? जानिए Learjet 45 की पूरी डिटेल       'भारत बाज़ी मार ली बाजी', India-EU FTA अमेरिका का तंज, यूरोपीय संघ को लेकर कही ये बड़ी बात       Ajit Pawar Family Tree: बारामती से सत्ता के केंद्र तक, परिवार, राजनीति और बगावत की पूरी कहानी       Ajit Pawar कैसे बने महाराष्ट्र की राजनीति के 'दादा'? विमान दुर्घटना में हुई दर्दनाक मौत       Ajit Pawar Died: अजित पवार का विमान कैसे हुआ दुर्घटनाग्रस्त? प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई प्लेन क्रैश की आंखों-देखी कहानी | VIDEO       Ajit Pawar Died: नहीं रहे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, विमान दुर्घटना में हुई दर्दनाक मौत | VIDEO       UGC के नए नियमों पर आखिर क्यों मचा है बवाल? सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, छिड़ गई सामाजिक बहस       अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से लिया ब्रेक, सोशल मीडिया पोस्ट से किया बड़ा ऐलान       Aaj Ka Rashifal 28 January 2025: चंद्रमा के साथ धैर्य और स्थिरता से बदलेगी किस्मत, जानिए सभी 12 राशियों का हाल      

'अमेरिका के बाहर बने सभी स्मार्टफोन पर 25% टैरिफ', क्या ट्रंप की ये जिद्द अमेरिकियों के लिए पड़ सकती है भारी?

Donald Trump Tarrif On Mobile Company: शुरुआत में ट्रम्प ने घोषणा की थी कि टैरिफ केवल एप्पल पर लागू होंगे. हालांकि, बाद में ट्रम्प ने सभी स्मार्टफोन निर्माताओं पर टैरिफ का बोझ डाल दिया है. उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर अमेरिका में किसी भी कंपनी को अपना मोबाइल बेचना है तो उसे मैन्युफैक्चरिंग भी वहीं करना होगा.

Donald Trump Tarrif On Mobile Company: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के बाहर निर्मित एप्पल और सैमसंग स्मार्टफोन पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है. यह टैरिफ अन्य स्मार्टफोन कंपनियों पर भी लागू होगा. ट्रम्प का मानना है कि इससे देश में नौकरियां बढेगी. 

ट्रंप ने कहा कि यदि प्लांट अमेरिका में स्थित हैं, तो कोई शुल्क नहीं होगा. उन्होंने आगे कहा, 'जब वे यहां अपना प्लांट बनाते हैं तो कोई शुल्क नहीं होता है. इसलिए वे यहां प्लांट बना रहे हैं, लेकिन मेरी उनसे (टिम कुक) के साथ एक समझ थी कि वे ऐसा नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि वे संयंत्र बनाने के लिए भारत जा रहे हैं. मैंने कहा कि भारत जाना ठीक है, लेकिन आप बिना शुल्क के यहां बिक्री नहीं करेंगे और यही तरीका है.'

क्या ट्रंप की ये जिद्द अमेरिकियों के लिए पड़ सकती है भारी? 

भारत और अन्य देशों के मुकाबले अमेरिका में निर्माण करना मोबाइल कंपनियों को काफी महंगा पड़ सकता है. हालांकि, ट्रम्प का कहना है कि चूंकि अधिकांश काम कम्प्यूटरीकृत है, इसलिए उन्हें विश्वास है कि अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए कीमतें नहीं बढ़ेंगी. लेकिन निर्माण में लगने वाली लागत से अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए मोबाइल फोन की कीमतों में इजाफा हो सकता है. ऐसे में  ट्रंप की ये जिद्द अमेरिकियों पर भारी पड़ सकती है. 

मोबाइल कंपनियों के लिए भारत और चीन जैसे देशों में निर्माण करना काफी किफायती है. यहां कंपनियों को आसानी से श्रम शक्ति मिल जाती है और मोबाइल बनाने की लागत भी कम हो जाती है, जिससे कीमतों में इजाफा किए बिना ही वह मुनाफा कमाते हैं. लेकिन अमेरिका में ऐसा नहीं है. वहां  श्रम शक्ति की कमी और महंगी सैलरी की डिमांड से कंपनी के निर्माण में लागत बढ़ने के साथ-साथ कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है.  

एप्पल के शेयरों में भारी गिरावट

एप्पल के शेयर 3 प्रतिशत नीचे बंद हुए, जबकि तीन प्रमुख अमेरिकी शेयर सूचकांक कमजोर लेकिन सत्र के निचले स्तर से नीचे बंद हुए. यूरोपीय शेयर भी नीचे बंद हुए.

डॉलर इंडेक्स (एक सूचकांक है जो प्रमुख विदेशी मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर के मूल्य का माप करता है) तीन सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया है. इस सप्ताह डॉलर में 1.9 प्रतिशत की गिरावट आई, जो अप्रैल की शुरुआत के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक प्रतिशत गिरावट की ओर अग्रसर है. 

पिछले शुक्रवार को मूडीज द्वारा अमेरिकी क्रेडिट रेटिंग को डाउनग्रेड करने और गुरुवार को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा द्वारा ट्रम्प के व्यापक कर कटौती को मंजूरी दिए जाने के बाद वैश्विक बाजारों के लिए यह एक चिंताजनक सप्ताह में नवीनतम घटना थी. नए कर-कटौती बिल से अमेरिकी संघीय सरकार के 36 ट्रिलियन डॉलर के ऋण ढेर में लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर की वृद्धि होने की उम्मीद है.

ये भी देखिए: अगर भारत में iPhones बनाया गया तो... ट्रम्प ने दे डाली चेतावनी, आखिर क्यों Apple की चाहते हैं अमेरिका में वापसी?