BREAKING:
PM Kisan 22nd Installment 2026: 9.32 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचे 2-2 हजार रुपये, ऐसे चेक करें पैसे आए या नहीं       साइलेंट स्लीप एपिडेमिक क्या है, जो भारत में 45% लोगों की निंद उड़ा रहा?       भारतीय टैंकरों को Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरने की अनुमति, जयशंकर की कूटनीति लाई रंग       Aaj Ka Rashifal 26 February 2026: आर्द्रा नक्षत्र का असर, किस राशि पर कितना भारी पड़ेगा आज का दिन?       कितना ताकतवर है HAMMER मिसाइल, जो राफेल की बनेगी नई ताकत? Modi-Macron मुलाकात में डिफेंस डील का धमाका       India AI Summit 2026: क्या यही है भारत की टेक सुपरपावर बनने की शुरुआत? ग्लोबल रेस में बढ़त बनाने की तैयारी | 10 POINTS       AI के डर से डगमगाया भारतीय IT सेक्टर, एक हफ्ते में ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा की संपत्ति साफ       IND vs PAK मैच के दौरान रैपर 'हनुमानकाइंड' ने नहीं गाया धुरंधर का टाइटल ट्रैक, छिड़ी बहस के बीच सिंगर हो रहे ट्रोल       Weekly Horoscope, 16-February to 22-February-2026: ग्रहों का बड़ा संकेत, जानिए आपका साप्ताहिक भविष्यफल       Aaj Ka Rashifal 11 February 2026: करियर और रिश्तों में संतुलन बनाएंगे तो चमकेगी किस्मत, पढ़े आज का राशिफल      

ट्रम्प के टैरिफ से अमेरिका में 'गृहयुद्ध'! नीति के खिलाफ 12 राज्य पहुंचे कोर्ट, राष्ट्रपति पर मनमानी का लगाया आरोप

Donald Trump US Tarrif Action: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीति के खिलाफ 12 अमेरिकी राज्यों ने मुकदमा दायर किया है. इसमें कहां गया कि ये नीति गैरकानूनी और आर्थिक अराजकता फैलाने वाली है और इससे व्यापार पर गहरा असर पड़ रहा है. याचिका में राष्ट्रपति की 'मनमानी' पर भी सवाल खड़े किए गए हैं.

Donald Trump US Tarrif Action: अमेरिका के 12 राज्यों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीति के खिलाफ बुधवार को न्यूयॉर्क स्थित यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में मुकदमा दर्ज कराया है. याचिका में दावा किया गया है कि यह नीति न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था में व्यापक स्तर पर अराजकता फैल गई है.

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका में कहा गया है कि ट्रम्प की लागू की गई नीति राष्ट्रीय व्यापार नीति को कानूनी अधिकार के विवेकपूर्ण प्रयोग की बजाय राष्ट्रपति की मनमानी कर रही है. इससे वैश्विक तौर पर व्यापार में न सिर्फ घाटा बल्कि उथल पुथल देखने को मिल रही है. 

इन 12 राज्यों ने मिलकर दी चुनौती

इस सामूहिक मुकदमे में ओरेगन, एरिज़ोना, कोलोराडो, कनेक्टिकट, डेलावेयर, इलिनॉय, मेन, मिनेसोटा, नेवादा, न्यू मैक्सिको, न्यूयॉर्क और वर्मोंट जैसे राज्य शामिल हैं.

टैरिफ नीति को बताया 'गैरकानूनी' और 'अविवेकपूर्ण'

एरिज़ोना की अटॉर्नी जनरल क्रिस मेयस ने ट्रंप की टैरिफ योजना को पागलपन भरी करार देते हुए कहा, 'यह केवल आर्थिक रूप से खतरनाक नहीं, बल्कि पूरी तरह से गैरकानूनी है.' 

याचिका में यह भी कहा गया कि केवल अमेरिकी कांग्रेस को टैरिफ लगाने का अधिकार है, जबकि राष्ट्रपति अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियाँ अधिनियम (IEEPA) का उपयोग केवल तब कर सकते हैं जब देश को किसी असामान्य और असाधारण विदेशी खतरे का सामना हो.

'संवैधानिक व्यवस्था को खतरे में डाला गया'

याचिका में कहा गया, 'राष्ट्रपति द्वारा मनचाहे उत्पादों पर, किसी भी कारण से आपातकाल घोषित कर भारी-भरकम और लगातार बदलते टैरिफ लगाना, संवैधानिक व्यवस्था को उलटने के समान है और इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अफरातफरी फैल गई है.'

कैलिफ़ोर्निया ने भी किया था मुकदमा, 'अरबों डॉलर का नुकसान' बताया

इससे पहले पिछले हफ्ते कैलिफ़ोर्निया के डेमोक्रेट गवर्नर गैविन न्यूज़ोम ने भी ट्रंप प्रशासन पर मुकदमा दायर किया था. उनका दावा है कि देश का सबसे बड़ा आयातक राज्य होने के नाते कैलिफ़ोर्निया को इस नीति से अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है.

व्हाइट हाउस का जवाब— ‘हमारे उद्योगों को बचाने की कोशिश’

कैलिफ़ोर्निया के मुकदमे के जवाब में व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि ट्रम्प प्रशासन इस राष्ट्रीय आपातकाल से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है, जो अमेरिका के उद्योगों को तबाह कर रहा है और हमारे मजदूरों को पीछे छोड़ रहा है.

वैश्विक बाजारों पर भी पड़ा गहरा असर, बढ़ा अमेरिका-चीन तनाव

गौरतलब है कि जबसे ट्रंप ने दुनिया भर के कई देशों पर व्यापक टैरिफ लगाने की घोषणा की है, तबसे वैश्विक बाजारों और अर्थव्यवस्थाओं पर नकारात्मक असर पड़ा है. इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव भी बढ़ता जा रहा है.

ये भी देखिए: SAARC वीज़ा एग्ज़ेम्प्शन स्कीम क्या है, जिसे पहलगाम टेरर अटैक के बाद भारत ने किया रद्द? जानिए पाकिस्तान पर इसका कितना पड़ेगा असर