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नासा की चेतावनी! 77,282 km/h की रफ्तार से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा 540 फीट ऊंचा विशाल एस्ट्रोइड 2014 TN17, क्या मचाएगा तबाही?

Asteroid 2014 TN17: 540 फीट चौड़ा एस्ट्रोइड 2014 TN17 26 मार्च, 2025 को सुरक्षित रूप से पृथ्वी से गुजरेगा और फिलहाल इसकी रफ्तार 77,282 किमी/घंटा हैं. अभी पृथ्वी से यह 50 लाख किलोमीटर की दूरी पर है, जो भविष्य में कक्षीय बदलाव महत्वपूर्ण जोखिम पैदा कर सकते हैं. नासा ऐसे एस्ट्रोइड्स पर बारीकी से नज़र रखता है क्योंकि अगर प्रक्षेप पथ बदल जाता है तो विनाशकारी हो सकता है.

Asteroid 2014 TN17: एस्ट्रोइड की तबाही ऐसी होती है कि वह पृथ्वी से टकराए तो कई जीवों को हमेशा के लिए खत्म कर देता है. इस बीच एक चौंकाने वाली खबर है कि एक विशाल अंतरिक्ष शिलाखंड यानी कि एस्ट्रोइड 2014 TN17 77,282 किमी/घंटा की रफ्तार से पृथ्वी की ओर तेजी से बढ़ रहा है. यह लगभग 540 फीट (165 मीटर) चौड़ा और ताजमहल के आकार से लगभग दोगुना है. 

एस्ट्रोइड 2014 TN17 77 को लेकर नासा ने चेतावनी भी दी है. हालांकि अब तक के रिसर्च से कहा गया है कि 26 मार्च 2025 को शाम 5:04 बजे IST पर पृथ्वी के पास से सुरक्षित रूप से गुजरेगा. जबकि यह पृथ्वी से 5 लाख किलोमीटर की दूरी से सुरक्षित रूप से गुजरेगा, जो चंद्रमा और पृथ्वी के बीच की दूरी से 13 गुना अधिक है. PHA के रूप में एस्ट्रोइड की स्थिति को बहुत गंभीरता से लिया गया है.

अपनी कक्षा बदल सकता है एस्ट्रोइड 2014 TN17 77

PHA एक ऐसा एस्ट्रोइड है जो भविष्य में संभावित खतरा बनने के लिए काफी बड़ा और पृथ्वी के काफी करीब है. PHA पृथ्वी की कक्षा को पार कर सकता है और इसके प्रक्षेप पथ में बदलाव या तो अन्य ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के कारण या अंतरिक्ष मलबे से टकराव के कारण इसे हमारे ग्रह से टकरा सकता है.

नासा पृथ्वी के लिए संभावित खतरे के लिए रख रहा नज़र

2014 TN17 अपोलो परिवार का एक निकट-पृथ्वी ऑब्जेक्ट (NEO) है, जो एस्ट्रोइड्स का एक वर्ग है जो पृथ्वी की कक्षा को पार करता है. ये पिंड भविष्य में यदि उनकी कक्षाओं में परिवर्तन होता है तो हमारे ग्रह से टकराने की क्षमता रखते हैं. अपोलो एस्ट्रोइड्स पर नासा के एस्ट्रोनोमर्स की कड़ी नज़र है क्योंकि उनके मार्ग में एक छोटा सा विचलन पृथ्वी के लिए विनाशकारी टक्कर के रूप में विनाशकारी हो सकता है.

एस्ट्रोइड 2014 TN17 के कारण संभावित आपदा

अगर 540 फीट का एस्ट्रोइड पृथ्वी से टकराता है, तो वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि इससे निकलने वाली ऊर्जा सैकड़ों परमाणु विस्फोटों के बराबर होगी. ऐसा विस्फोट पूरे क्षेत्र को समतल कर देगा, विशाल अग्नि तूफान को प्रज्वलित करेगा और आने वाली शताब्दियों के लिए वैश्विक जलवायु पैटर्न को बाधित करेगा.

इसे परिप्रेक्ष्य में रखने के लिए 1908 का साइबेरिया में जबरदस्त तुंगुस्का विस्फोट, जिसने 2,000 वर्ग किलोमीटर लकड़ी को समतल कर दिया, 2014 TN17 के आधे से भी कम चौड़ाई वाले एस्ट्रोइड के कारण हुआ था. यदि आज किसी बड़े शहर के ऊपर से कोई समान आकार का एस्ट्रोइड टकराता है, तो लाखों लोग मर जाएंगे और मृतकों की संख्या लाखों तक पहुंच सकती है. 

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