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POK मांग रहा है 'आजादी', सड़क पर उतरें लोग क्यों कर रहे हैं पाक सरकार का विरोध

पाकिस्तान में महंगाई, हाई टेक्सेशन और बिजली की कमी के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुका है. लोग वहां अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए एक आंदोलन कर रहे हैं.

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की हालत खराब हो चुकी है. सरकार की गिरती अर्थव्यवस्था ने पीओके की कमर तोड़ कर रख दी है. सड़क पर लोग उतरकर विरोध कर रहे हैं.

दरअसल, महंगाई, हाई टेक्सेशन और बिजली की कमी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है. वहां के लोगों ने अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए आंदोलन करना शुरू कर दिया है. 

विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए अधिकारी बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर रहे हैं. शनिवार को हुई झड़पों के दौरान एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई और 90 अन्य लोग घायल हो गए. 

पाकिस्तानी अखबार डॉन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, 'जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (जेकेजेएएसी) के आह्वान पर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद में कामकाज बंद रखने और चक्का जाम हुआ था. पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे घरों और मस्जिदों में रह रहे लोग भी प्रभावित हुए. पीओके के समहनी, सेहंसा, मीरपुर, रावलकोट, खुइरत्ता, तत्तापानी, हट्टियन बाला में विरोध प्रदर्शन जारी है.'

खबर ये भी आ रही है कि, प्रदर्शनकारी लगातार आज़ादी के नारे लगा रहे हैं. मुजफ्फराबाद और अन्य जिलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के साथ लोगों की झड़पें हुईं.जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही है, जिसमें व्यापारी सबसे आगे हैं.

शुक्रवार को हड़ताल का आह्वान करने के बाद से अब तक एक्शन कमेटी के दर्जनों नेताओं और सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है. 

आजादी की मांग कर रहे स्थानीय लोगों के वीडियो वायरल होने पर उन्होंने कहा, 'मैं आज सभी से बाहर आने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान करता हूं.' 

इस बीच भारत हमेशा से इस बात पर जोर देता रहा है कि पाकिस्तान ने जिस कश्मीर पर कब्जा कर रखा है. वो भारत का अभिन्न अंग है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 5 मई को कहा था कि बहुत खेदजनक स्थिति जारी है. पिछली सरकारों ने यह सुनिश्चित नहीं किया कि पाकिस्तान आजादी के बाद इस क्षेत्र को खाली कर दे.