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'अमेरिका है पाकिस्तान में आतंकवाद के लिए जिम्मेदार', बिलावल भुट्टो ने उगला जहर तो अफगानिस्तान ने दिया करारा जवाब

Pakistan Blames America For Terror: बिलावल भुट्टो ज़रदारी के इस बयान से पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों में फिर से तनाव बढ़ सकता है. उन्होंने अमेरिका की अफगान नीति को पाकिस्तान के आतंरिक संकटों के लिए जिम्मेदार ठहराया, जबकि अफगान विश्लेषकों ने पाकिस्तान के इरादों पर सवाल उठाए हैं.

Pakistan Blames America For Terror: पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने अमेरिका दौरे के दौरान ऐसा बयान दिया है, जिससे कूटनीतिक हलकों में नई हलचल मच गई है, बिलावल ने अफगानिस्तान और आतंकवाद के मुद्दे पर सीधे अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है. यानी कि पाकिस्तान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के घर में घुसकर पाकिस्तान ने अमेरिका को खड़ी खोटी सुनाई है. 

बिलावल ने दावा किया कि अफगानिस्तान से अमेरिका की अचानक वापसी ने पाकिस्तान को संकट में डाल दिया है. उनका कहना है कि अमेरिका ने जब अफगानिस्तान छोड़ा, तब वहां अत्याधुनिक सैन्य उपकरण छोड़ दिए, जो अब आतंकवादी समूहों के हाथ लग चुके हैं.

बिलावल भुट्टो ने कहा, 'हम आतंकवाद पर बात करते हैं, अफगानिस्तान पर बात करते हैं और इसी पर पिछले कई दशकों से हमारी अमेरिका से बातचीत केंद्रित रही है.' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान की अमेरिका से बातचीत में यही मुद्दे सबसे ऊपर रहे हैं.

आतंकवाद से लड़ाई में क्षेत्रीय सहयोग की वकालत

बिलावल ने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने की बात कही। हालांकि, उन्होंने इस बात का कोई ज़िक्र नहीं किया कि खुद पाकिस्तान पर कट्टरपंथी गुटों को पालने के आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं.

बिलावल ने आगे कहा, 'हमें अब यह सोचना होगा कि काबुल के बाद बचे हुए आतंकवाद से कैसे निपटें. आपको यह सुनकर हैरानी होगी कि जब हम पाकिस्तान में आतंकवादी गुटों से लड़ते हैं तो उनके पास ऐसे हथियार होते हैं जो उन्होंने अफगानिस्तान से ब्लैक मार्केट के जरिये हासिल किए होते हैं. ये हथियार हमारी पुलिस के हथियारों से कहीं ज्यादा आधुनिक होते हैं.'

अफगानिस्तान की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं

अभी तक अफगानिस्तान की इस्लामिक अमीरात सरकार ने बिलावल के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि, इससे पहले वह इस तरह के बयानों को द्विपक्षीय रिश्तों में तनाव बढ़ाने वाला करार दे चुकी है.

अफगान विश्लेषक ने पाकिस्तान के रवैये पर सवाल उठाए

अफगानिस्तान के राजनीतिक विश्लेषक मोहम्मद जलमई अफगन यार ने बिलावल के बयान की आलोचना करते हुए कहा, 'पाकिस्तान क्षेत्रीय देशों को धमकी दे रहा है. अफगान सरकार तो इस वक्त अपनी अर्थव्यवस्था पर फोकस कर रही है. क्या पाकिस्तान भी ऐसा कोई सकारात्मक संदेश अफगानिस्तान को देगा? क्या पाकिस्तान अमेरिका के साथ मिलकर अफगानिस्तान की समस्याएं बढ़ाना बंद करेगा?'

काबुल-इस्लामाबाद के बीच नए राजनयिक प्रयासों पर सवाल

यह विवाद उस समय हुआ है जब काबुल और इस्लामाबाद के रिश्ते बेहतर बनाने की दिशा में नए कदम उठाए गए हैं. हाल ही में दोनों देशों ने चार्ज डी'अफेयर स्तर से अपने-अपने दूतावासों में पूर्ण राजदूतों की नियुक्ति की है. मगर इस ताजा बयानबाज़ी से इन प्रयासों पर सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या दोनों देशों के बीच ये नई राजनयिक शुरुआत कोई ठोस बदलाव ला पाएगी या नहीं.

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