स्पेस से आने के बाद अंतरिक्ष यात्री धरती पर पर्यावरण के साथ कैसे बैठाते हैं तालमेल?
Astronauts Life: नासा के अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में 9 महीने तक रहने के बाद पृथ्वी पर वापस लौटे. अंतरिक्ष गुरुत्वाकर्षण के नहीं रहने के कारण उन्हें कई शारीरिक परिवर्तन का सामना करना पड़ा. अब वह धरती पर पर्यावरण के साथ तालमेल बनाने में काई मुश्किलों की सामना कर रहे हैं.

Astronauts Life: अंतरिक्ष में 9 महीने का लंबा वक्त बिताना और फिर धरती पर आकर यहां के पर्यावरण से तालमेल बिठाना कोई आसान काम नहीं है. इन्हीं मुश्किलों का सामना कर रहे हैं नासा के अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, NASA के फ्लाइट सर्जन डॉ. जो डेरवे ने बताया कि दोनों अंतरिक्ष यात्री अपनी वापसी यात्रा से पहले अच्छे स्वास्थ्य में थे.
बता दें कि मानव स्वास्थ्य पर अंतरिक्ष यात्रा के दीर्घकालिक प्रभावों पर रिसर्च जारी है. कई दशकों में कलेक्ट किए गए डेटा से पता चलता है कि अंतरिक्ष यात्री अपने अंतरिक्ष मिशनों के दौरान भी शारीरिक परिवर्तनों से गुजरते हैं, जिनमें से अधिकांश परिवर्तन पृथ्वी पर लौटने के तुरंत बाद उलट जाते हैं.
अंतरिक्ष यात्री गुरुत्वाकर्षण के साथ कैसे तालमेल बिठाएंगे?
फ्लाइट सर्जन डॉ. जो डेरवे के अनुसार, अपनी वापसी से पहले विलियम्स और विल्मोर ने अंतरिक्ष उड़ान के दौरान होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए नमक की गोलियों और पानी का उपयोग करके अपने तरल पदार्थ का सेवन बढ़ा दिया. उन्होंने शारीरिक तरल पदार्थों को फिर से वितरित करने के लिए पैरों से कमर तक फैले कंप्रेशन वस्त्रों का उपयोग किया.
नासा के वाणिज्यिक चालक दल कार्यक्रम के प्रबंधक स्टीव स्टिच ने कहा, 'वापस आने वाला प्रत्येक चालक दल द्रव लोडिंग प्रोटोकॉल से गुजरता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जब वे वापस आएं तो उनका शरीर ठीक से कंडीशन हो. हम जो सामान्य रूप से करते हैं, उससे परे कुछ भी नहीं है.'
लैंडिंग के बाद की प्रक्रियाओं के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को घर लौटने की मंजूरी मिलने से पहले कई दिनों तक ह्यूस्टन में जॉनसन स्पेस सेंटर में चिकित्सा पर्यवेक्षण के तहत रहना पड़ता है. शरीर में लगभग हर आर्गेन सिस्टम जैसे चाहे वह त्वचा हो, न्यूरोवेस्टिबुलर, हड्डी, मांसपेशी, प्रतिरक्षा प्रणाली, हृदय प्रणाली कुछ हद तक प्रभावित होती है, जिसे दुरुस्त किया जाता है.
प्रशिक्षण से लेकर रिटायरमेंट तक स्वास्थ्य निगरानी जारी रहती है. अंतरिक्ष मिशनों में वृद्धि से रिसर्चर को मानव स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक प्रभावों के बारे में बेहतर जानकारी मिलती है, जो भविष्य में चंद्रमा और मंगल के लिए विस्तारित मिशनों के लिए महत्वपूर्ण है.