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Hilsa Fish: दुर्गा पूजा में क्यों जरूरी है हिल्सा मछली? बांग्लादेश ने भारत में शुरू किया निर्यात, जानिए इसके फायदे

Hilsa Fish: पश्चिम बंगाल में हिल्सा मछली दुर्गा पूजा के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. हिलसा मछली को पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. हिलसा मछली में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल की सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद होते हैं.

Hilsa Fish: पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. गाली संस्कृति में हिलसा मछली का बहुत महत्व है.हिलसा मछली को देवी को पवित्र बलि के रूप में चढ़ाया जाता है. इले पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. पश्चिम बंगाल में हिलसा मछली को पाककला और सांस्कृतिक परंपराओं का एक अहम हिस्सा माना जाता है. 

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने शनिवार को भारत को हिल्सा मछली के निर्यात पर लगा प्रतिबंध हटा लिया. प्रतिबंध हटाने के साथ ही घोषणा की है कि वह आगामी दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान 3,000 टन हिल्सा का निर्यात करेगी. यह उत्सव 9 से 13 अक्टूबर तक मनाया जाएगा. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने इस महीने की शुरुआत में भारत को हिल्सा मछली के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था ताकि पर्याप्त घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके. 

3,000 टन हिलसा मछली आएगा भारत

बांग्लादेशी वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'निर्यातकों की अपील की पृष्ठभूमि में आगामी दुर्गा पूजा के अवसर पर विशिष्ट शर्तों को पूरा करते हुए 3,000 टन हिलसा मछली भारत को निर्यात करने की मंजूरी दी गई है.' टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश ने 2023 में दुर्गा पूजा उत्सव के साथ तालमेल बिठाते हुए 79 कंपनियों को भारत को कुल 4,000 टन हिलसा मछली निर्यात करने की अनुमति दी. 

हिलसा मछली के फायदे

हिलसा मछली को सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जो दिल की सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद है. यह  ब्लड वेसल्स और ब्लड प्रेशर को कम करता है. यह मछली अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाता है और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करती है. इसमें मौजूद विटामिन ए आंखों की रोशनी के लिए काफी फायदेमंद होता है. इसमें विटामिन डी और सेलेनियम भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर के इम्यूनिटी को बढ़ाता है. इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड दिमाग के लिए फायदेमंद होता है. हिलसा मछली जोड़ों के दर्द से राहत देने के साथ-साथ स्किन के लिए भी अच्छा होता है. हालांकि, एलर्जी या गैस की समस्या वाले लोगों को इससे दूर रहना चाहिए. 

दुर्गा पूजा उत्सव में बांग्लादेश हिलसा मछली भेजता है भारत

आपको बता दें कि इस महीने की शुरुआत में भारत के मछली आयातक संघ ने बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन से संपर्क किया और उनसे दुर्गा पूजा के दौरान भारत को हिल्सा के निर्यात की अनुमति देने का आग्रह किया. यह अनुरोध बांग्लादेश में हाल ही में हुई अशांति और सरकार में बदलाव के बाद इस साल मछली के शिपमेंट को लेकर अनिश्चितता के बीच किया गया था. एसोसिएशन के सचिव सैयद अनवर मकसूद ने 9 सितंबर को लिखे एक पत्र में कहा कि हालांकि बांग्लादेश ने प्रतिबंध लागू किया है. 2012 में हिल्सा निर्यात के मामले में देश सद्भावना के तौर पर पिछले पांच वर्षों से सितंबर के पहले सप्ताह से दुर्गा पूजा उत्सव के अंत तक सीमित निर्यात की अनुमति देता रहा है. 

बांग्लादेश विश्व में हिल्सा मछली के उत्पादन में सबसे आगे है. ऐसे में अपने देश में मांग अधिक होने के कारण इस मछली के निर्यात पर प्रतिबंध लगाता है. हालांकि, दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान देश आमतौर पर हिल्सा पर निर्यात प्रतिबंध को कम कर देता है. सद्भावना के तौर पर हर साल सितंबर और अक्टूबर के बीच भारत को हिल्सा निर्यात की अनुमति देने की प्रथा, अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व वाली पिछली अवामी लीग सरकार के तहत एक लंबे समय से चली आ रही परंपरा थी. 

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