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Omar Abdullah ने फिर अलापा आर्टिकल 370 का राग, बोले- 'विधानसभा का पहला काम होना चाहिए कि...'

Jammu and Kashmir Assembly Election 2024: जम्मू-कश्मीर में 18, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को मतदान होगा. मतगणना 4 अक्टूबर को होगी. चुनाव से पहले पूर्व मुख्‍यमंत्री और नेशनल कॉन्‍फ्रेंस के नेता उमर अब्‍दुल्‍ला ने आर्टिकल 370 को एक बार फिर अपना राग अलापा है.

Jammu and Kashmir Assembly Election 2024: जम्‍मू कश्‍मीर (Jammu-Kashmir) विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही पूर्व मुख्‍यमंत्री और नेशनल कॉन्‍फ्रेंस के नेता उमर अब्‍दुल्‍ला (Omar Abdullah) ने एक बार फिर आर्टिकल 370 (Article 370) का राग अलापा है. उन्होंने कहा कि नव-निर्वाचित जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए पहला काम केंद्र के 2019 में आर्टिकल 370 को हटाए जाने के खिलाफ प्रस्ताव पारित करना होना चाहिए. इस फैसले ने जम्मू-कश्मीर को उसका विशेष दर्जा छीन लिया था.

नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के उपाध्यक्ष उमर अब्‍दुल्‍ला ने एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में कहा, "निर्वाचित विधानसभा का पहला काम यह होना चाहिए कि वह न केवल शेष भारत को बल्कि पूरी दुनिया को बताए कि जम्मू-कश्मीर के लोग 5 अगस्त 2019 को हमारे साथ जो हुआ उससे सहमत नहीं हैं और फिर हम उसे बदलना शुरू कर देते हैं, जो हमारे साथ किया गया."

उमर अब्‍दुल्‍ला ने आगामी चुनावों को बताया सबसे महत्वपूर्ण 

उमर अब्‍दुल्‍ला ने जम्मू एवं कश्मीर में आगामी चुनावों को पिछली तीन पीढ़ियों में सबसे महत्वपूर्ण बताया. 54 वर्षीय पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा , "ये सब तब हो रहा है जब लद्दाख हमारा हिस्सा नहीं है. ये सब परिसीमन और हमारे विशेष दर्जे को खत्म करने के बाद हो रहा है. इसके नतीजे बहुत ही भयावह होंगे."

कांग्रेस के साथ सीट शेयरिंग पर कही ये बात

नरेंद्र मोदी सरकार के अनुच्छेद 370 को हटाने के कदम के सबसे मुखर आलोचकों में से एक अब्दुल्ला ने कांग्रेस के साथ एनसी की सीट बंटवारे की वार्ता में चुनौतियों का सामना करने की बात भी कही. उन्होंने कहा, "हालांकि गठबंधन के लिए दरवाज़ा बंद नहीं हुआ है, लेकिन सीट बंटवारे की अपनी चुनौतियां हैं. शुरुआती दौर की बातचीत के बाद हमें कांग्रेस से कोई जवाब नहीं मिला है."

चुनाव आयोग ने जम्‍मू-कश्‍मीर में विधानसभा चुनाव का किया एलान

चुनाव आयोग ने शुक्रवार को घोषणा की कि दिसंबर 2014 के बाद से केंद्र शासित प्रदेश में पहला विधानसभा चुनाव 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को होगा, जिसके मतों की गिनती 4 अक्टूबर को होगी और इसका परिणाम घोषित कर दिया जाएगा. 

आर्टिकल 370 बना इतिहास

बता दें कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र की भाजपा सरकार ने भारतीय संविधान से आर्टिकल 370 को हटा दिया और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया . यह विभाजन 31 अक्टूबर, 2019 को प्रभावी हुआ था. 

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