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नेहरू पेपर्स विवाद फिर गरमाया! 51 कार्टन दस्तावेज़ों की वापसी के लिए कानूनी शुरू होगी लड़ाई

Sonia Gandhi Nehru Documents: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (PMML) सोसायटी की बैठक में सोनिया गांधी द्वारा लिए गए नेहरू के दस्तावेज़ों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया. साल 2008 में 51 कार्टनों में ले जाए गए दस्तावेज़ों को राष्ट्रीय धरोहर मानते हुए बैठक में कानूनी कार्रवाई की सहमति बनी.

Sonia Gandhi Nehru Documents: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सोमवार को प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय (PMML) सोसाइटी की वार्षिक आम बैठक (AGM) में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी द्वारा जवाहरलाल नेहरू के दस्तावेज़ वापस लेने के मुद्दे पर कानूनी कार्रवाई करने की सहमति बन गई है. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मौजूद अधिकांश सदस्यों का मानना था कि ये दस्तावेज़ राष्ट्रीय धरोहर हैं और उन्हें संग्रहालय को वापस किया जाना चाहिए.

47वीं AGM में पीएम मोदी के अलावा उपराष्ट्रपति की भूमिका में राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, धर्मेंद्र प्रधान, अश्विनी वैष्णव, चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्रा और अन्य सदस्य जैसे स्मृति ईरानी, प्रसून जोशी और नए निदेशक अश्विनी लोहानी भी शामिल हुए.

पहली बार नहीं उठा यह मुद्दा 

यह मुद्दा पहली बार नहीं उठा है. फरवरी 2024 में हुई पिछली AGM में भी इस पर चर्चा हुई थी. उस समय निर्णय लिया गया था कि इस मामले पर कानूनी राय ली जाए. उसी के आधार पर इस साल की शुरुआत में PMML प्रशासन की ओर से सोनिया गांधी के कार्यालय को पत्र भेजा गया, जिसमें उन दस्तावेज़ों को लौटाने की मांग की गई जो 2008 में 51 कार्टनों में संग्रहालय से लिए गए थे.

यह पहला मौका था जब संग्रहालय ने आधिकारिक तौर पर गांधी परिवार से दस्तावेज़ वापस करने की मांग की. हालांकि, गांधी परिवार की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है.

डॉक्यूमेंट्स है संग्रहालय की संपत्ति

सूत्रों के अनुसार, AGM में यह चर्चा भी हुई कि चूंकि ये दस्तावेज़ एक बार दान कर दिए गए थे, इसलिए उन्हें वापस लेना संभव नहीं है और वे संग्रहालय की संपत्ति हैं. यह भी कहा गया कि यह घटना 2008 की है यानी UPA सरकार के कार्यकाल की और अब मोदी सरकार इसे पूर्व-2014 प्रशासनिक खामियों को सुधारने के प्रयास के रूप में देख रही है.

फरवरी 2024 में राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई 46वीं AGM में भी यह चर्चा विस्तार से हुई थी और यह तय हुआ था कि दस्तावेज़ों के स्वामित्व, अभिरक्षा, कॉपीराइट और उपयोग जैसे कानूनी पहलुओं पर राय ली जाएगी. यह दस्तावेज़ 1971 में इंदिरा गांधी (नेहरू के उत्तराधिकारी के रूप में) और बाद में सोनिया गांधी द्वारा दान किए गए थे.

दस्तावेज़ों को2008 में  सोनिया गांधी ने लिया वापस 

PMML के रिकॉर्ड के अनुसार, जिन दस्तावेज़ों को सोनिया गांधी ने 2008 में वापस लिया, उनमें नेहरू और जयप्रकाश नारायण, एडविना माउंटबेटन, अल्बर्ट आइंस्टीन, अरुणा आसफ अली, विजयलक्ष्मी पंडित और बाबू जगजीवन राम के बीच हुई चिट्ठियां शामिल हैं.

AGM में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत का म्यूज़ियम मैप तैयार करने और देश के सभी संग्रहालयों की एक राष्ट्रीय डाटाबेस बनाने का सुझाव भी दिया. साथ ही आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर उससे जुड़े सभी कानूनी मामलों का संकलन तैयार करने की बात भी कही.

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