Ajit Pawar जिस विमान से यात्रा कर रहे थे, वह कौन-सा था? जानिए Learjet 45 की पूरी डिटेल
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार जिस विमान से यात्रा कर रहे थे, वह एक हाई-स्पीड बिज़नेस जेट Learjet 45 था. यह विमान VIP और चार्टर यात्राओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है और छोटे एयरपोर्ट से भी उड़ान भरने में सक्षम है. भारत में यह विमान DGCA में VT-SSK रजिस्ट्रेशन के तहत दर्ज था और VSR Ventures के नाम पर ऑपरेट किया जा रहा था.
Ajit Pawar Died: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार जिस विमान से यात्रा कर रहे थे, उसकी पहचान Learjet 45 के रूप में हुई है. यह एक छोटा लेकिन बेहद तेज़ और सुविधाजनक बिज़नेस जेट है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर वीआईपी, चार्टर और खास यात्राओं के लिए किया जाता है. इस तरह के विमान समय बचाने और कम समय में ज़्यादा जगहों तक पहुंचने के लिए जाने जाते हैं.
क्या है Learjet 45 विमान?
Learjet 45 एक ट्विन इंजन एयरक्राफ्ट है, जिसे मशहूर विमान निर्माता कंपनी Bombardier ने Learjet ब्रांड के तहत बनाया था. इस विमान को पहली बार 1990 के दशक के आख़िरी सालों में पेश किया गया था और यह 1998 में सेवा में आया. इसे खास तौर पर कम और मध्यम दूरी की उड़ानों के लिए डिजाइन किया गया था.
अपने तेज़ सफर और आरामदायक केबिन की वजह से यह विमान जल्द ही बिज़नेस लीडर्स और राजनेताओं के बीच लोकप्रिय हो गया. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे यात्रा में काफी समय की बचत होती है.
कितने लोग बैठ सकते हैं इस विमान में?
Learjet 45 में आमतौर पर 6 से 8 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होती है. यात्रियों की संख्या विमान के अंदर के लेआउट पर निर्भर करती है. इसके केबिन को आमतौर पर क्लब सीटिंग स्टाइल में सजाया जाता है, जिसमें आमने-सामने दो कतारों में सीटें होती हैं और बीच में छोटा सा रास्ता रहता है.
कुछ वर्ज़न में एक साइड-फेसिंग सीट या छोटा सा सोफ़ा भी होता है. इसके अलावा विमान में हल्का रिफ्रेशमेंट एरिया और पीछे की ओर बंद शौचालय (टॉयलेट) भी दिया गया होता है, जिससे यात्रियों को लंबी उड़ान में सुविधा मिलती है.
कितने लोग उड़ाते हैं यह विमान?
Learjet 45 को उड़ाने के लिए दो पायलट होते हैं. लंबी उड़ानों के दौरान इसमें एक केबिन अटेंडेंट भी मौजूद हो सकता है, जो यात्रियों की जरूरतों का ध्यान रखता है.
स्पीड और रेंज कितनी है?
यह विमान अपनी तेज़ रफ्तार और आराम के लिए जाना जाता है. Learjet 45 लगभग 800 से 850 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है. इसकी उड़ान सीमा करीब 3,000 किलोमीटर तक होती है, जिससे यह भारत के कई बड़े शहरों के बीच नॉन-स्टॉप यात्रा करने में सक्षम है.
छोटे एयरपोर्ट से भी उड़ान की क्षमता
इस विमान की एक बड़ी खासियत यह है कि यह छोटे एयरपोर्ट और कम लंबाई वाले रनवे से भी उड़ान भर सकता है. बड़े कमर्शियल विमानों के मुकाबले इसे ज़्यादा जगह की जरूरत नहीं होती. यही वजह है कि यह विमान राजनीतिक दौरों, आपात यात्राओं और कम समय में कई जगहों पर पहुंचने के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है.
भारत में रजिस्ट्रेशन कैसे होता है?
भारत में ऐसे विमानों का रजिस्ट्रेशन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के तहत होता है. हर विमान को एक खास रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाता है, जो आमतौर पर VT अक्षरों से शुरू होता है. यह ठीक वैसे ही होता है जैसे गाड़ियों की नंबर प्लेट.
जिस Learjet 45 विमान की बात हो रही है, उसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-SSK-LJ45 बताया गया है. यह विमान दिल्ली स्थित नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर VSR Ventures Pvt Ltd के नाम पर रजिस्टर है.
कितना सुरक्षित माना जाता है Learjet 45?
Learjet 45 का इस्तेमाल दुनियाभर में दो दशकों से ज़्यादा समय से किया जा रहा है और सही रखरखाव के साथ इसे भरोसेमंद विमान माना जाता है. हालांकि, बाकी सभी विमानों की तरह इसमें भी टेक-ऑफ और लैंडिंग के दौरान सख्त सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी होता है.
इसके अलावा मौसम की स्थिति और रनवे की हालत भी इस तरह के विमानों की उड़ान पर असर डालती है.
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