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स्कूल बैग बना जन सुराज पार्टी का चुनाव चिन्ह, जानिए कैसे मिलेगा प्रशांत किशोर को इसका फायदा

Bihar Assembly Election 2025: चुनाव आयोग ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को आगामी बिहार चुनाव 2025 के लिए स्कूल बैग चुनाव चिन्ह आवंटित किया है. पार्टी शिक्षा और रोजगार को अपनी प्राथमिकता बताते हुए सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

Bihar Assembly Election 2025: विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी माहौल तेजी से गर्म होता जा रहा है. इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. भारत निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को आगामी चुनाव के लिए स्कूल बैग को चुनाव चिन्ह के रूप में आवंटित कर दिया है.

यह प्रतीक अब उस विचारधारा का प्रतिनिधित्व करेगा जिसे जन सुराज पार्टी बिहार के जनमानस तक पहुंचाना चाहती है — शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता. प्रशांत किशोर ने आयोग के फैसले का स्वागत किया.वह खुद एक अनुभवी चुनाव रणनीतिकार रह चुके हैं और अब जन सुराज आंदोलन के जरिए राजनीतिक मैदान में कूद चुके हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी की पूरी सोच और प्राथमिकता शिक्षा और रोजगार पर केंद्रित है.

स्कूल बैग क्यों बना चुनाव चिन्ह?

प्रशांत किशोर ने कहा, 'हमारा चुनाव चिन्ह 'स्कूल बैग' इसलिए है क्योंकि हमने देखा है कि बिहार में पिछले 35 सालों में शासन करने वाली सरकारों ने बच्चों की पीठ से किताबों का बैग छीन लिया और मजदूरी की बोरी थमा दी.'

प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि बिहार में गरीबी मिटाने, पलायन रोकने और रोजगार सृजन का एकमात्र और सबसे प्रभावशाली जरिया शिक्षा है। उनके मुताबिक, शिक्षा ही वह हथियार है जिससे बिहार को बदला जा सकता है. उन्होंने इस प्रतीक को पार्टी की मूल विचारधारा से जोड़ा और कहा कि यही कारण है कि चुनाव चिन्ह के रूप में 'स्कूल बैग' को चुना गया है.

जन सुराज पार्टी का चुनावी प्लान

जन सुराज पार्टी ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनावों में बिहार की सभी 243 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी. पार्टी कम से कम 40 महिला उम्मीदवारों को टिकट देने की भी तैयारी में है. पार्टी का उद्देश्य राज्य में स्थापित पार्टियों जैसे JDU, RJD और कांग्रेस के मुकाबले खुद को एक मजबूत और ईमानदार विकल्प के रूप में प्रस्तुत करना है.

पार्टी ने यह भी साफ किया है कि वह किसी से भी न चुनाव पूर्व और न ही चुनाव बाद गठबंधन करेगी.यानी जन सुराज इस बार पूरी तरह से अकेले चुनावी मैदान में उतरने जा रही है.

चुनाव आयोग ने 7 और पार्टियों को दिए चुनाव चिन्ह

इसके साथ ही निर्वाचन आयोग ने सात अन्य पंजीकृत लेकिन अमान्य क्षेत्रीय दलों को भी बिहार चुनाव 2025 के लिए अस्थायी चुनाव चिन्ह आवंटित किए हैं. इनमें शामिल हैं — भारतीय सार्थक पार्टी (कैंची), लोहिया जनता दल (बाल्टी), राष्ट्रीय लोक मोर्चा (गैस सिलेंडर), जन सहमति पार्टी (लेडी पर्स), विकासशील इंसान पार्टी (VIP) (नाव और पाल), भारतीय जनता समाजसेवी (बांसुरी), और राष्ट्रीय समाजवादी लोक अधिकार पार्टी (अंगूठी).

चुनाव आयोग की गाइडलाइन्स के अनुसार, इन पार्टियों को मिले चिन्ह सिर्फ इसी विधानसभा चुनाव के लिए वैध होंगे. यदि इन दलों ने किसी क्षेत्र में प्रत्याशी नहीं उतारा, तो इन चिन्हों को स्वतंत्र उम्मीदवारों को भी अलॉट किया जा सकता है.

स्कूल बैग चुनाव चिन्ह से मिलेगा फायदा

बिहार में शिक्षा, रोजगार और शासन को लेकर जनता में वर्षों से असंतोष का माहौल रहा है. ऐसे में स्कूल बैग जैसे प्रतीक के माध्यम से जन सुराज पार्टी एक भावनात्मक और व्यावहारिक अपील करने की कोशिश कर रही है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशांत किशोर की रणनीति और यह प्रतीक चुनावी समर में कितनी धार साबित होती है.

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