BREAKING:
दुनिया हथियार बेचने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश भारत, जानिए सैन्य ताकत के लिए कितना करता है खर्च       विधायक से लेकर सांसद तक! ताश के पत्तों की तरह बिखर रही ममता सेना, TMC राजनीतिक संकट पर ताजा UPDATE       Airbus A380 पैसेंजर प्लेन की कहानी किसी इंजीनियरिंग चमत्कार से कम नहीं, जानिए क्यों कहलाता है 'King of the Skies'       Sriram Krishnan कौन हैं, जिन्होंने ट्रंप को दिया झटका? व्हाइट हाउस छोड़ने का किया एलान       सरकार गई, अब TMC पार्टी बचाने में लगी Mamata Banerjee! 'दिल्ली चलो आंदोलन' कितना होगा सफल?       9,49,50,50,00,00,000 रुपये के मालिक हैं Elon Musk, जानिए इतने पैसे में क्या-क्या खरीद सकते हैं       शरीर में आयरन की है कमी? आज से खाएं ये 6 सुपरफूड्स, जो बना देंगे आपको Iron Man       'क्वाइट क्रैकिंग' क्या है, आजकल इतने सारे माता-पिता क्यों परेशान और दबाव में महसूस कर रहे हैं?       'हम सिर्फ पड़ोसी नहीं, एक ही नदियों के बच्चे हैं', भारत दौरे पर नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खानाल ने क्यों कही ये बात?       13 साल की उम्र में भी IPL नीलमी से क्यों खुश नहीं हैं Vaibhav Sooryavanshi? कर दिया बड़ा खुलासा      

बिहार बना देश का पहला राज्य जहां मोबाइल से होगी वोटिंग, जानिए कैसे चलेगा डिजिटल लोकतंत्र का नया अध्याय

Bihar election 2025: बिहार ने रचा इतिहास! देश में पहली बार मोबाइल से वोटिंग की शुरुआत, जानिए कैसे डाउनलोड करें ऐप, कौन कर सकेगा मोबाइल से मतदान और कितनी सुरक्षित है यह तकनीक.

Bihar Mobile Voting: बिहार ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है. अब वोट डालने के लिए लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं, बूथ तक पहुंचने की मजबूरी नहीं क्योंकि बिहार देश का पहला राज्य बन गया है, जहां मोबाइल फोन से वोटिंग की जा सकेगी. यह अनोखा और क्रांतिकारी कदम शुक्रवार शाम राज्य निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद ने खुद ऐलान किया.

शनिवार को पटना, रोहतास और पूर्वी चंपारण जिले के छह नगर परिषदों में होने वाले चुनावों में ये नई व्यवस्था लागू की जा रही है. हालांकि विधानसभा चुनाव में इस सुविधा का इस्तेमाल होगा या नहीं, इस पर अभी संशय बना हुआ है.

कैसे काम करेगा मोबाइल से वोटिंग का सिस्टम?

राज्य निर्वाचन आयोग ने 'e-SECBHR' नामक एक खास ऐप विकसित किया है, जिसे सिर्फ एंड्रॉयड मोबाइल पर फिलहाल चलाया जा सकता है. इस ऐप के जरिए वे लोग वोट डाल सकते हैं जो चुनाव के दिन किसी कारणवश बूथ पर नहीं पहुंच सकते.

इनमें शामिल हैं:

  • बुजुर्ग नागरिक
  • दिव्यांग व्यक्ति
  • गर्भवती महिलाएं
  • बाहर काम करने वाले प्रवासी मतदाता

दीपक प्रसाद के अनुसार, वोटर को वही मोबाइल नंबर इस्तेमाल करना होगा जो पहले से वोटर लिस्ट में रजिस्टर्ड हो. इसके बाद ऐप के जरिए चेहरे की पहचान, स्कैनिंग और ID वेरिफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरना होगा.

डिजिटल सुरक्षा होगी टॉप लेवल की

चुनाव आयोग ने दावा किया है कि यह पूरा सिस्टम ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है, जिससे हर वोट का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा.

एक मोबाइल नंबर से अधिकतम दो वोटर्स ही लॉगिन कर सकते हैं.

हर वोट की पुष्टि वोटर ID से क्रॉसचेक की जाएगी.

VVPAT जैसी ऑडिट ट्रेल भी बनाई जाएगी, जिससे हर वोट के डेटा को ट्रैक किया जा सकेगा.

बिना मोबाइल वालों के लिए भी विकल्प

जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, वे बिहार राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के माध्यम से वोट डाल सकते हैं. यानी कोई भी तकनीकी वजह से लोकतंत्र से बाहर नहीं रह जाएगा.

कितने लोगों ने दिखाया भरोसा?

अब तक करीब 10,000 वोटर रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं और उम्मीद है कि लगभग 50,000 लोग बिना बूथ जाए वोटिंग करेंगे. 10 से 22 जून तक एक जागरूकता अभियान चलाया गया, ताकि लोग इस नई सुविधा को समझें और इसका लाभ लें.

एक राज्य, बड़ा बदलाव

बिहार इस कदम से सिर्फ तकनीकी विकास की मिसाल नहीं पेश कर रहा, बल्कि लोकतंत्र को और ज्यादा समावेशी और सहज बनाने की दिशा में बड़ी छलांग भी लगा रहा है. अगर यह प्रयोग सफल होता है तो जल्द ही देश के बाकी राज्यों में भी मोबाइल वोटिंग की गूंज सुनाई दे सकती है.

ये भी देखिए: क्या तेज प्रताप याद लड़ेंगे बिहार विधानसभा चुनाव? खुलासा करते हुए बोले - किंगमेकर थे हैं और रहेंगे