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महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर तानातनी! कांग्रेस ने ठुकराया पुराना फॉर्मूला, RJD बना रही लगातार दबाव

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर बड़ा घमासान मचा है. कांग्रेस ने 2020 के 70 सीटों वाले फॉर्मूले को मानने से इनकार कर दिया है और 37 हार वाली सीटों पर फिर से दावा जताया है. वहीं आरजेडी कांग्रेस पर कम सीटों पर लड़ने का दबाव बना रही है.

Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन (महागठबंधन) के भीतर सीट बंटवारे की जंग और तेज हो गई है. कांग्रेस ने अब 2020 के फॉर्मूले को मानने से इनकार कर दिया है, जिसके तहत उसे पिछली बार 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिला था. इस सख्त रुख के कारण अब सीट बंटवारे का पूरा समीकरण उलझ गया है.

कांग्रेस और आरजेडी में टकराव

महागठबंधन के भीतर सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर है कि छोटे दलों जैसे राष्ट्रीय लोक जनता दल (RLSP), झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के लिए सीटें कहां से निकाली जाएं. आरजेडी चाहती है कि कांग्रेस अपनी कुछ सीटें छोड़े, जबकि कांग्रेस खुद यह मानने को तैयार नहीं है.

कांग्रेस की हार वाली सीटों पर दोबारा दावा

कांग्रेस का कहना है कि वह 2020 में हारी हुई 51 सीटों में से 37 सीटों पर इस बार फिर से चुनाव लड़ना चाहती है. इनमें से 21 सीटें ऐसी हैं, जहां 2010 और 2015 दोनों चुनावों में भी महागठबंधन का कोई उम्मीदवार जीत नहीं पाया था. इनमें फुलपरास, सुपौल, बिहारगंज, सोनबरसा, कुशेश्वरस्थान, बेनीपुर, कुचायकोट, वैशाली, बेलदौर, हरनौत, सुल्तानगंज, अमरपुर, राजगीर, नालंदा और टेकरी जैसी अहम सीटें शामिल हैं.

जातीय समीकरण पर भी नजर

कांग्रेस ने उन सीटों को अपनी लिस्ट में रखा है जहां दलित, अति पिछड़ा वर्ग, ऊंची जाति और मुस्लिम वोटर निर्णायक भूमिका निभाते हैं. पार्टी ने इन सीटों पर संभावित उम्मीदवारों पर भी चर्चा शुरू कर दी है.

कांग्रेस की स्थिति कमजोर, RJD का दबाव

2020 के चुनाव में कांग्रेस ने 70 सीटों पर लड़कर सिर्फ 19 सीटें जीती थीं. बाद में इसके दो विधायक दल बदलकर दूसरी पार्टी में चले गए, जिससे कांग्रेस की विधानसभा में संख्या घटकर 17 रह गई. इसी आधार पर आरजेडी कांग्रेस पर दबाव बना रही है कि वह इस बार कम सीटों पर लड़े, ताकि गठबंधन की स्थिति मजबूत हो सके.

समझौते के विकल्प तलाशे जा रहे

हालांकि बातचीत का दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस उन सीटों से पीछे हट सकती है जहां वह बहुत कम अंतर से हारी थी. दूसरी ओर, आरजेडी भी अपने कमजोर सीटें कांग्रेस को देने पर विचार कर रही है. इसके अलावा कुछ सीटें छोटे सहयोगी दलों जैसे RLJP, VIP और JMM को भी दी जा सकती हैं.

चुनावी बिगुल बजने ही वाला है

बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने की संभावना है. चुनाव आयोग 1 सितंबर को बिहार की अंतिम वोटर लिस्ट जारी करेगा और उसके बाद कभी भी चुनावी कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है. ऐसे में सीट बंटवारे का पेंच जल्द सुलझाना महागठबंधन के लिए जरूरी हो गया है.

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