'POK न तो आज़ाद और न विवादित, बल्कि कब्जे वाला क्षेत्र', कश्मीर में उबाल से टेंशन में पाकिस्तान, मुनिर की हवा टाइट
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच आंदोलन के नेता सरदार अमन खान ने कहा कि यह कोई विवादित क्षेत्र नहीं, बल्कि कब्जा किया हुआ इलाका है. उन्होंने पाकिस्तान पर भोजन और दवाइयों की आपूर्ति रोकने का आरोप लगाया और भारत सहित LoC के दोनों ओर रहने वाले लोगों से समर्थन की अपील की. वहीं भारत ने भी PoK में कथित दमन, आवश्यक आपूर्ति रोकने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग को लेकर पाकिस्तान की आलोचना की है.
PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होते जा रहे हैं. इस बीच आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रमुख नेता सरदार अमन खान ने पाकिस्तान के दशकों पुराने दावे को खुली चुनौती देते हुए कहा कि 'यह कोई विवादित क्षेत्र नहीं, बल्कि कब्जा किया हुआ इलाका है.' उनके इस बयान ने पाकिस्तान की आधिकारिक नीति पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
हजारों लोगों की रैली में पाकिस्तान के दावे को बताया गलत
रावलाकोट के ईदगाह मैदान में आयोजित एक विशाल जनसभा में हजारों लोग शामिल हुए. सभा को संबोधित करते हुए सरदार अमन खान ने कहा कि पाकिस्तान जिस इलाके को आजाद कश्मीर बताता है, वह वास्तव में आजाद नहीं है.
PoK people hold massive protest against Pakistan Govt.
pic.twitter.com/r9EgY9Gvro
उन्होंने कहा, 'यह कोई विवादित क्षेत्र नहीं है... यह एक कब्जा किया हुआ इलाका है... इस पर कब्जा किया गया है.'
उनके इस बयान पर सभा में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियों और नारों के साथ समर्थन जताया.
40 दिनों से जारी है आंदोलन
रावलाकोट में पिछले 40 दिनों से अधिक समय से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी पाकिस्तान सरकार पर क्षेत्र की जनता की अनदेखी करने और हालात बिगाड़ने का आरोप लगा रहे हैं.
आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रशासन की नीतियों के कारण आम लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है और बुनियादी सुविधाओं का भी संकट पैदा हो गया है.
🚨 Ground Report | PoJK
Several caravans of protesters are continuing to arrive at the Joint Awami Action Committee (JAAC) protest site, with large numbers of women and children joining the protest.
📹 Latest ground visuals.#PoK #PoJK #Protest #JAAC pic.twitter.com/gu6yimtiN3
'तीन हफ्तों से भोजन और दवाइयों की सप्लाई बंद'
सरदार अमन खान ने आरोप लगाया कि पिछले तीन सप्ताह से इलाके में खाने-पीने का सामान और जरूरी दवाइयों की आपूर्ति रोक दी गई है, जिससे मानवीय संकट पैदा हो गया है.
उन्होंने नियंत्रण रेखा (LoC) के दोनों ओर रहने वाले लोगों से समर्थन की अपील की. साथ ही भारत से भी मानवीय सहायता की उम्मीद जताई.
प्रदर्शन के दौरान हिंसा, 6 लोगों की मौत का दावा
PoK में जारी विरोध प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि एक दिन पहले प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने फायरिंग की, जिसमें 6 नागरिकों की मौत हो गई.
मृतकों में जाहिद मुगल, जफर मुगल, अरसलान अकबर और वाजिद हयात सहित अन्य लोग शामिल बताए गए हैं. वाजिद हयात की मौत रावलाकोट के माटियाल मीरा बस टर्मिनल पर हुई.
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.
The 78-year-old "Churan" of liberation sold by the Pak Army is officially dead and exposed in Pakistan’s Occupied Jammu & Kashmir. 🚨
Protest leader Javed Iqbal exposes Islamabad's hypocrisy at Rawalakot:
"For 78 years, they sold us the 'Srinagar liberation' Churan. That fake… pic.twitter.com/RJ1Pm1yoF8
'PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं'
इस महीने की शुरुआत में भी हजारों प्रदर्शनकारी नियंत्रण रेखा (LoC) के पास इकट्ठा हुए थे' वहां भी लोगों ने नारे लगाते हुए कहा कि PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है'
रैली के दौरान सरदार अमन खान ने लोगों से पूछा कि क्या उन्हें नियंत्रण रेखा की ओर मार्च करना चाहिए। जवाब में भीड़ ने एक सुर में नारे लगाए— 'LoC की ओर बढ़ो.'
उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान को PoK की ज्यादा जरूरत है, जबकि PoK के लोगों को पाकिस्तान की उतनी जरूरत नहीं है.
भारत ने पाकिस्तान को घेरा
उधर, भारत सरकार ने भी PoK में चल रहे घटनाक्रम पर पाकिस्तान की आलोचना की है.
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि PoK में हो रहे विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान द्वारा दशकों से किए जा रहे कथित शोषण, लोगों के मौलिक अधिकारों के हनन और प्रशासनिक दमन का नतीजा हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सरकार लोगों की शिकायतें सुनने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है.
भारत ने लगाए गंभीर आरोप
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान पर निम्न आरोप लगाए गए हैं:
- भोजन और दवाइयों जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति रोकना.
- महिलाओं और बच्चों के खिलाफ भी पुलिस बल का इस्तेमाल करना.
- इंटरनेट सेवाएं बंद करना.
- निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करना, जिससे लोगों की मौत हुई.
भारत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को PoK में आम नागरिकों पर हो रही कार्रवाई के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराना चाहिए.
स्थिति पर बनी हुई है नजर
PoK में लगातार जारी प्रदर्शन और बढ़ते तनाव के बीच हालात संवेदनशील बने हुए हैं. एक ओर प्रदर्शनकारी पाकिस्तान सरकार के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भारत ने भी इस मुद्दे पर पाकिस्तान की नीतियों की आलोचना की है. ऐसे में आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी रहने की संभावना है.










.png)