BREAKING:
PM Kisan 22nd Installment 2026: 9.32 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचे 2-2 हजार रुपये, ऐसे चेक करें पैसे आए या नहीं       साइलेंट स्लीप एपिडेमिक क्या है, जो भारत में 45% लोगों की निंद उड़ा रहा?       भारतीय टैंकरों को Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरने की अनुमति, जयशंकर की कूटनीति लाई रंग       Aaj Ka Rashifal 26 February 2026: आर्द्रा नक्षत्र का असर, किस राशि पर कितना भारी पड़ेगा आज का दिन?       कितना ताकतवर है HAMMER मिसाइल, जो राफेल की बनेगी नई ताकत? Modi-Macron मुलाकात में डिफेंस डील का धमाका       India AI Summit 2026: क्या यही है भारत की टेक सुपरपावर बनने की शुरुआत? ग्लोबल रेस में बढ़त बनाने की तैयारी | 10 POINTS       AI के डर से डगमगाया भारतीय IT सेक्टर, एक हफ्ते में ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा की संपत्ति साफ       IND vs PAK मैच के दौरान रैपर 'हनुमानकाइंड' ने नहीं गाया धुरंधर का टाइटल ट्रैक, छिड़ी बहस के बीच सिंगर हो रहे ट्रोल       Weekly Horoscope, 16-February to 22-February-2026: ग्रहों का बड़ा संकेत, जानिए आपका साप्ताहिक भविष्यफल       Aaj Ka Rashifal 11 February 2026: करियर और रिश्तों में संतुलन बनाएंगे तो चमकेगी किस्मत, पढ़े आज का राशिफल      

8 घंटे तक तड़पता रहा कमल, बस देखते रहें 5 लोग, दिल्ली जल बोर्ड की लापरवाही ने ली एक जान

जनकपुरी में खुले सीवर गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय कमल ध्यानी आठ घंटे तक फंसे रहे, लेकिन किसी ने मदद नहीं की. मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस या एंबुलेंस को सूचना नहीं दी, जिससे उनकी जान चली गई. पुलिस ने लापरवाही के आरोप में सब-कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ्तार किया, DJB की व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए.

Delhi sewer pit accident: राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में शुक्रवार देर रात 25 वर्षीय कमल ध्यानी अपनी बाइक से घर लौट रहे थे. एक निजी बैंक में टेली-कॉलर के रूप में काम करने वाले कमल ने रास्ते में अपने दोस्त को फोन कर कहा था कि वह कुछ ही मिनटों में घर पहुंचने वाले हैं. लेकिन वह कॉल उनकी आखिरी बातचीत साबित हुई. घर पहुंचने से पहले ही उनकी बाइक सड़क पर बने एक खुले सीवर गड्ढे में जा गिरी.

खुला गड्ढा, कोई चेतावनी नहीं

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड (DJB) द्वारा सीवर लाइन के काम के लिए 15 से 20 फीट गहरा खोदा गया था. हैरानी की बात यह है कि वहां न कोई बैरिकेड था, न चेतावनी बोर्ड, न रिफ्लेक्टर और न ही रोशनी की व्यवस्था. अंधेरे में यह गड्ढा दिखाई नहीं दिया और कमल सीधे उसमें गिर पड़े.

आठ घंटे तक गड्ढे में फंसा रहा युवक

घटना करीब रात 12 बजे की बताई जा रही है, लेकिन पुलिस और परिवार को इसकी जानकारी सुबह लगभग 8 बजे मिली. यानी कमल करीब आठ घंटे तक उसी गहरे गड्ढे में पड़े रहे. जब तक उन्हें बाहर निकाला गया, उनकी मौत हो चुकी थी.

पांच लोगों को थी जानकारी, फिर भी नहीं मिली मदद

इस मामले का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि इस हादसे की जानकारी कम से कम पांच लोगों को थी. एक प्रत्यक्षदर्शी विपिन सिंह ने बाइक को गड्ढे में गिरते देखा और पास के सिक्योरिटी गार्ड को बताया। गार्ड ने मजदूर योगेश को बुलाया. योगेश ने गड्ढे में झांककर देखा तो बाइक की हेडलाइट जल रही थी और एक व्यक्ति अंदर पड़ा था.

ठेकेदार मौके पर आया, लेकिन मदद नहीं की

योगेश ने सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश कुमार प्रजापति को सूचना दी. प्रजापति मौके पर पहुंचा, उसने भी स्थिति देखी, लेकिन न पुलिस को कॉल किया, न एंबुलेंस बुलवाई और न ही किसी तरह की बचाव कोशिश की. पुलिस के मुताबिक, उसने मुख्य ठेकेदार हिमांशु गुप्ता से फोन पर बात की, कॉन्फ्रेंस कॉल की, लेकिन मदद के लिए कोई कदम नहीं उठाया.

मौके से चले गए जिम्मेदार लोग

करीब रात 1:45 बजे राजेश वहां से चला गया और कुछ देर बाद मजदूर योगेश भी फरार हो गया. कमल उसी गड्ढे में घायल अवस्था में पड़े रहे.

सुबह मिली सूचना, तब तक हो चुकी थी मौत

सुबह जब परिवार और पुलिस को सूचना दी गई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कमल की मौत हो चुकी थी. अगर समय रहते पुलिस या एंबुलेंस को बुला लिया जाता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी.

गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश कुमार प्रजापति को गिरफ्तार कर ‘गैर-इरादतन हत्या’ के आरोप में मामला दर्ज किया है. मजदूर योगेश और मुख्य ठेकेदार हिमांशु गुप्ता की तलाश जारी है.

सवालों के घेरे में लापरवाही और संवेदनहीनता

यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही और इंसानियत की कमी का उदाहरण बन गई है. एक फोन कॉल, एक कोशिश, एक मदद शायद कमल की जिंदगी बचा सकती थी.

ये भी देखिए: रेको डिक प्रोजेक्ट क्या है, जिसे बेचकर पाकिस्तान, अमेरिका से पूरे करेगा अपनी जरूरत? जमीर बेचकर ₹10,790 करोड़ की मिली भीख