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70 लाख नौकरियां, दुनिया के 25% व्यापार में हिस्सेदारी... 'मदर ऑफ ऑल डील्स' से भारत की कैसे होगी सोना-चांदी?

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच 20 साल बाद ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर सहमति बन गई है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे दोनों पक्षों के लिए 'विन-विन डील' बताया है, जिससे निवेश और रोजगार के बड़े अवसर खुलेंगे. इस समझौते से टेक्सटाइल समेत कई श्रम-प्रधान क्षेत्रों में लाखों नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है.

India EU Free Trade Agreement: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे इंतजार के बाद आखिरकार ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप दे दिया गया है. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को भारत और यूरोप दोनों के लिए 'विन-विन डील' बताया है. करीब 20 साल की बातचीत और 16 से ज्यादा दौर की वार्ताओं के बाद यह समझौता संभव हो सका है. सरकार का कहना है कि यह डील भारत की अर्थव्यवस्था, रोजगार, निर्यात और निवेश के लिहाज से मील का पत्थर साबित होगी.

इस ऐतिहासिक India-EU FTA की 10 बड़ी बातें...

1. 20 साल बाद पूरी हुई डील, 2022 में फिर शुरू हुई बातचीत

पीयूष गोयल ने बताया कि भारत-EU FTA पर बातचीत 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन 2013 में इसे रोक दिया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2022 के मध्य में दोबारा बातचीत शुरू की और अब इसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है.

2. भारत और यूरोप दोनों के लिए 'विन-विन' समझौता

मंत्री गोयल के अनुसार यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ, दोनों के उद्योगों के लिए फायदेमंद है. इससे व्यापार के नए अवसर खुलेंगे और बड़े पैमाने पर निवेश आने की उम्मीद है.

3. भारत के श्रम-प्रधान उद्योगों को बड़ा फायदा

इस डील से भारत के मरीन प्रोडक्ट्स, केमिकल्स, फुटवियर, लेदर, प्लास्टिक-रबर उत्पाद, टेक्सटाइल, रेडीमेड कपड़े, जेम्स-ज्वेलरी, फर्नीचर, स्पोर्ट्स गुड्स और खिलौनों जैसे सेक्टर को यूरोपीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी.

4. यूरोपीय कंपनियों को भारत के बड़े बाजार तक पहुंच

वहीं यूरोपीय संघ की कंपनियों को भारत जैसी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, प्रिसीजन इंजीनियरिंग और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े मौके मिलेंगे.

5. वैश्विक व्यापार का 25% कवर करता है यह समझौता

पीयूष गोयल ने बताया कि यह FTA दुनिया के करीब 25 प्रतिशत वैश्विक व्यापार को कवर करता है. उन्होंने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' करार देते हुए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की.

6. मोदी सरकार का आठवां फ्री ट्रेड एग्रीमेंट

यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का आठवां फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है. खास बात यह है कि ये सभी समझौते विकसित देशों के साथ हुए हैं और बीते चार वर्षों में भारत ने 37 विकसित देशों के साथ FTA किए हैं.

7. 99% भारतीय निर्यात और 97% EU निर्यात शामिल

इस समझौते के तहत भारत से यूरोपीय संघ जाने वाले करीब 99 प्रतिशत निर्यात और यूरोप से भारत आने वाले 97 प्रतिशत से ज्यादा निर्यात को कवर किया गया है.

8. दोनों अर्थव्यवस्थाओं के अंतर को ध्यान में रखकर बनी डील

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और यूरोप की आर्थिक स्थिति में अंतर को ध्यान में रखते हुए इस समझौते को संतुलित तरीके से तैयार किया गया है, ताकि दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके.

9. 2026 तक लागू करने का लक्ष्य, फास्ट-ट्रैक पर कानूनी प्रक्रिया

सरकार का लक्ष्य है कि इस FTA को 2026 के भीतर लागू किया जाए. इसके लिए कानूनी जांच (लीगल स्क्रबिंग) को फास्ट-ट्रैक आधार पर पूरा किया जाएगा.

10. टेक्सटाइल सेक्टर में 60-70 लाख नए रोजगार की उम्मीद

पीयूष गोयल ने बताया कि टेक्सटाइल सेक्टर भारत का दूसरा सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है, जहां करीब 4 करोड़ लोग काम करते हैं. FTA के बाद भारत का टेक्सटाइल निर्यात यूरोप में 7 अरब डॉलर से बढ़कर 30-40 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जिससे 60-70 लाख नए रोजगार पैदा होने की संभावना है.

IMEC कॉरिडोर पर भी भारत-EU की एकजुटता

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ ने India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEC) को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई है. दोनों पक्ष अब इस परियोजना को उच्च स्तर पर ले जाकर IMEC देशों का शिखर सम्मेलन आयोजित करने की दिशा में काम करेंगे.

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