क्या 2026 में भारत-पाकिस्तान के बीच हो सकता है एक और युद्ध? अमेरिकी CPA रिपोर्ट में चेतावनी
2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित टकराव की 'मॉडरेट संभावना' अमेरिकी थिंक-टैंक CFR की रिपोर्ट में जताई गई है. पिछली लड़ाई और आतंकवादी गतिविधियों के आधार पर यह संभावना बढ़ सकती है. रिपोर्ट यह नहीं कहती कि युद्ध होगा, बल्कि संभावनाओं का आकलन प्रस्तुत करती है.
India Pakistan conflict: क्या 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से टकराव हो सकता है? अमेरिका के काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (CFR) के सेंटर फॉर प्रिवेंटिव एक्शन (CPA) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच 'मॉडरेट संभावना' बनी हुई है, जो मुख्य रूप से बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों के कारण हो सकती है.
रिपोर्ट और इसकी पद्धति
रिपोर्ट का शीर्षक है 'Conflicts to Watch in 2026'. इसे तैयार करने के लिए CPA ने पहले सोशल मीडिया और विशेषज्ञों के माध्यम से संभावित टकरावों की पहचान की. इसके बाद 15,000 अमेरिकी सरकारी अधिकारियों, विदेश नीति विशेषज्ञों और शिक्षाविदों को सर्वे भेजा गया, जिसमें लगभग 620 ने प्रतिक्रिया दी. टकराव की संभावनाओं को तीन श्रेणियों (Tier I, II, III) में रखा गया. भारत–पाकिस्तान टकराव को Tier II में रखा गया, जिसका अर्थ है कि यह संभावित तो है, लेकिन पूर्ण पैमाने पर युद्ध की संभावना सीमित मानी गई.
On arrival in Dhaka, met with Mr Tarique Rahman @trahmanbnp, Acting Chairman of BNP and son of former PM of Bangladesh Begum Khaleda Zia.
Handed over to him a personal letter from Prime Minister @narendramodi.
Conveyed deepest condolences on behalf of the Government and… pic.twitter.com/xXNwJsRTmZ
रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष
रिपोर्ट के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच सशस्त्र संघर्ष की संभावना बढ़ी है, खासकर आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि के कारण. रिपोर्ट में कहा गया है कि यह टकराव अमेरिकी हितों पर मॉडरेट प्रभाव डाल सकता है.
साथ ही, रिपोर्ट में अन्य वैश्विक झड़पों का भी जिक्र है, जैसे:
- अल-शबाब और ISIS द्वारा आतंकवादी हमलों में वृद्धि
- इस्राइल पर हूती हमले और लेबनान में इस्राइली सैन्य कार्रवाई
- सीरिया में सांप्रदायिक हिंसा और ISIS का पुनरुत्थान
2025 में भारत–पाकिस्तान के हालात
इस साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिवसीय लड़ाई हुई थी. यह तब शुरू हुई जब पाहलगाम (जम्मू और कश्मीर) में अप्रैल में आतंकवादी हमला हुआ, जिसमें 26 नागरिक मारे गए. भारत ने इसके जवाब में ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें पाकिस्तानी क्षेत्र में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाया गया.
पाकिस्तान ने भारतीय ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिन्हें भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों ने नाकाम कर दिया. इस टकराव के बाद दोनों देशों ने आग रोकने का समझौता किया. भारत ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह स्वतंत्र और द्विपक्षीय था, किसी तीसरे पक्ष के दबाव में नहीं.
पाकिस्तान–अफगानिस्तान टकराव की संभावना
रिपोर्ट में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी 'मॉडरेट संभावना' का संकेत दिया गया है. इसका मुख्य कारण टीटीपी (तेहरिक-ए-तालिबान पाकिस्तान) की गतिविधियां हैं. अफगान सरकार पर आरोप है कि वह टीटीपी को आश्रय दे रही है. अक्टूबर में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी, जिसके बाद सीमा पर sporadic फायरिंग और सेना की तैनाती बढ़ गई है.
रिपोर्ट यह भविष्यवाणी नहीं करती कि युद्ध होगा, बल्कि विशेषज्ञों की राय के आधार पर संभावनाओं का आकलन प्रस्तुत करती है. 2026 में भारत–पाकिस्तान और पाकिस्तान–अफगानिस्तान के बीच टकराव के संकेत स्पष्ट हैं, लेकिन पूर्ण युद्ध की संभावना फिलहाल सीमित है.
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