BREAKING:
बांग्लादेश में चीन बना रहा ड्रोन, बॉर्डर के पास फैक्ट्रियां, कैसे बन रहा भारत की सुरक्षा के लिए खतरनाक?       Ajit Pawar जिस विमान से यात्रा कर रहे थे, वह कौन-सा था? जानिए Learjet 45 की पूरी डिटेल       'भारत बाज़ी मार ली बाजी', India-EU FTA अमेरिका का तंज, यूरोपीय संघ को लेकर कही ये बड़ी बात       Ajit Pawar Family Tree: बारामती से सत्ता के केंद्र तक, परिवार, राजनीति और बगावत की पूरी कहानी       Ajit Pawar कैसे बने महाराष्ट्र की राजनीति के 'दादा'? विमान दुर्घटना में हुई दर्दनाक मौत       Ajit Pawar Died: अजित पवार का विमान कैसे हुआ दुर्घटनाग्रस्त? प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई प्लेन क्रैश की आंखों-देखी कहानी | VIDEO       Ajit Pawar Died: नहीं रहे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, विमान दुर्घटना में हुई दर्दनाक मौत | VIDEO       UGC के नए नियमों पर आखिर क्यों मचा है बवाल? सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, छिड़ गई सामाजिक बहस       अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से लिया ब्रेक, सोशल मीडिया पोस्ट से किया बड़ा ऐलान       Aaj Ka Rashifal 28 January 2025: चंद्रमा के साथ धैर्य और स्थिरता से बदलेगी किस्मत, जानिए सभी 12 राशियों का हाल      

'हमारे पास एक और उनके पास दो चिकन नेक', CM हिमंत ने बांग्लादेश को सीधी चेतानी- दोनों गर्दन गई तो...

CM Himanta Biswa Sarma On Chicken's Neck: 'चिकन नेक' या सिलिगुड़ी कॉरिडोर भारत का एक बेहद संकरा ज़मीन का टुकड़ा है जो उत्तर-पूर्व भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है. इसकी चौड़ाई सबसे संकरी जगह पर सिर्फ़ 20 किलोमीटर है. इसके उत्तर में नेपाल, भूटान और दक्षिण में बांग्लादेश है.

CM Himanta Biswa Sarma On Chicken's Neck: बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस की चिकन नेक कॉरिडोर और पूर्वोत्तर राज्य को लेकर दी गई धमकी के बाद असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने उन्हें खुली चेतावनी दे दी है. सीएम हिमंत ने कहा कि जो चिकन नेक कॉरिडोर पर भारत को धमकी देते हैं. उन्हें ध्यान देना चाहिए कि बांग्लादेश में जमीन की दो ऐसी संकरी पट्टियां हैं जो कहीं ज्यादा असुरक्षित हैं.

सीएम हिमंत ने अपने x हैंडल पर बांग्लादेश के दो चिकन नेक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'जो लोग आदतन 'चिकन नेक कॉरिडोर' पर भारत को धमकाते हैं, उन्हें इन तथ्यों पर भी ध्यान देना चाहिए. बांग्लादेश के पास दो 'चिकन नेक' हैं. दोनों कहीं अधिक असुरक्षित हैं.'

1. पहला है 80 किलोमीटर उत्तर बांग्लादेश कॉरिडोर- दखिन दिनाजपुर से दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स तक... यहां कोई भी व्यवधान, पूरे रंगपुर डिवीजन को बांग्लादेश के बाकी हिस्सों से अलग कर सकता है.

2. दूसरा है 28 किमी चटगांव कॉरिडोर, दक्षिण त्रिपुरा से बंगाल की खाड़ी तक... भारत के चिकन नेक से छोटा यह कॉरिडोर बांग्लादेश की आर्थिक राजधानी और राजनीतिक राजधानी के बीच एकमात्र संपर्क है. भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर की तरह, हमारे पड़ोसी देश में भी दो संकीर्ण कॉरिडोर हैं.

पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर मोहम्मद यूनुस का बयान

बांग्लादेश के मोहम्मद यूनुस ने मार्च के आखिरी हफ्ते में एक विवादित बयान दिया था. उन्होंने कहा कि भारत के पूर्वोत्तर राज्य 'लैंडलॉक्ड' (चारों ओर से ज़मीन से घिरे) हैं और इसलिए बंगाल की खाड़ी तक उनकी पहुंच के लिए बांग्लादेश ही एकमात्र 'रक्षक' (guardian) है.

चीन की चार दिवसीय यात्रा के दौरान यूनुस ने कहा कि इस स्थिति से एक बड़ी आर्थिक संभावना बनती है और उन्होंने चीन से आग्रह किया कि वह बांग्लादेश में अपना आर्थिक प्रभाव बढ़ाए.

हिमंत बिस्वा सरमा ने जताई थी आपत्ति

इस बयान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने 1 अप्रैल को X पर लिखा, 'पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों को लैंडलॉक्ड बताना और बांग्लादेश को उनका समुद्री रक्षक कहना अपमानजनक और निंदनीय है.'

उन्होंने कहा कि यह बयान भारत के 'चिकन नेक' कॉरिडोर (जो उत्तर-पूर्व को बाकी भारत से जोड़ता है) को लेकर चल रही संवेदनशीलता को दिखाता है. उन्होंने चेतावनी दी कि पहले भी कुछ लोग इस कॉरिडोर को काटने की बात कर चुके हैं, जो बेहद खतरनाक है.

उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि 'चिकन नेक' के नीचे और आसपास बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क विकसित किए जाएं और उत्तर-पूर्व को बाकी देश से जोड़ने के लिए वैकल्पिक रास्तों को प्राथमिकता दी जाए.

भारत का 'चिकन नेक कॉरिडोर' क्या है?

'चिकन नेक' को सिलिगुड़ी कॉरिडोर (Siliguri Corridor) के नाम से भी जाना जाता है. यह एक संकरा भू-भाग है जो भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों को शेष भारत से जोड़ता है. उत्तर-पूर्व भारत में सड़क या रेल के ज़रिए जाने के लिए सभी ज़मीनी परिवहन इसी कॉरिडोर से होकर गुजरते हैं.

इस कॉरिडोर की चौड़ाई सबसे संकरी जगह पर मात्र 20 किलोमीटर है. इसे 'चिकन नेक' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका भौगोलिक आकार मुर्गी की गर्दन जैसा दिखता है. इस पट्टी के उत्तर में नेपाल और भूटान हैं, जबकि दक्षिण में बांग्लादेश स्थित है. यह भारत की रणनीतिक दृष्टि से सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण कॉरिडोरों में से एक है.

ये भी देखिए: प्राइवेट पार्ट में लोहे का रॉड, निकला गर्भाशय... दरिंदों ने निर्भया कांड जैसा किया गैंग रेप, खून से लथपथ आदिवासी महिला ने तोड़ा दम