डर से घबराया हुआ पाकिस्तान! एयरस्पेस, शिमला समझौते रद्द करने समेत भारत के खिलाफ उठा रहा ये कदम
Pakistan On Pahalgam Terror Attack: पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) ने शिमला समझौते के निलंबन के साथ-साथ भारत के खिलाफ कई कदम उठाए हैं, जिससे भारत को कोई फर्क ही नहीं पड़ता है. पाकिस्तान ये एक्शन भारत के उसके खिलाफ उठाए गए कदम के बाद घबराहट में किए जा रहे हैं.

Pakistan On Pahalgam Terror Attack: एक तो गलती और ऊपर से सीना जोरी... कुछ ऐसे ही पाकिस्तान के हालात हैं. पहलगाम में हुए टेरर अटैक में भारत के 26 नागरिकों की जान चली गई. इसके बाद भारत ने एक्शन लेते हुए पाकिस्तान से सारे रिश्ते तोड़ दिए, साथ ही पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा को भी रद्द कर दिया... अब इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी कई कदम उठाए हैं. हालांकि, भारत को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है.
पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर 1972 के शिमला समझौते को निलंबित करने की घोषणा की है, यह एक शांति संधि है जो 1971 के युद्ध के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को नियंत्रित करती रही है. पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) ने एक बयान में शिमला समझौते को निलंबित करने के साथ-साथ अन्य जवाबी कार्रवाई की पुष्टि की.
पाकिस्तान की ओर से एक्शन:
वाघा सीमा का बंद होना: भारत और पाकिस्तान के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग, वाघा सीमा को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है, जिससे सीमा पार व्यापार बाधित हो गया है.
सार्क वीज़ा छूट निलंबित: पाकिस्तान ने भारतीय नागरिकों के लिए सार्क वीज़ा छूट योजना (SVEAS) को रद्द कर दिया है, इस कदम से भारतीय नागरिकों की क्षेत्र के भीतर यात्रा प्रभावित होगी.
भारतीय सैन्य राजनयिकों का निष्कासन: भारतीय सैन्य राजनयिकों को अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया गया है और उन्हें पाकिस्तान छोड़ना होगा.
भारतीय राजनयिक की संख्या में कमी: इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में 30 अप्रैल तक राजनयिकों और कर्मचारियों की संख्या घटाकर 30 कर दी जाएगी.
क्या है शिमला समझौता और इसके रद्द का असर?
1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद 1972 में हस्ताक्षरित शिमला समझौता एक ऐतिहासिक संधि थी, जिसने कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LOC) की स्थापना की.
क्षेत्र को भारत और पाकिस्तान के बीच विभाजित किया और युद्धबंदियों की वापसी की रूपरेखा तैयार की. इसने दोनों देशों को भविष्य के विवादों को सीधे द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से हल करने के लिए भी प्रतिबद्ध किया.
अब पाकिस्तान द्वारा इस महत्वपूर्ण समझौते को स्थगित करने से नियंत्रण रेखा के भविष्य और दोनों देशों के बीच पहले से ही नाजुक शांति के बारे में चिंताएं पैदा हो गई हैं.
पहलगाम हमले में लिंक से पाकिस्तान ने किया इनकार
हालांकि, पाकिस्तान ने 22 अप्रैल को हुए दुखद पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की है, इसके बाद भी वह इसमें अपनी संलिप्तता से इनकार कर रहा है. इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी और इसकी जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा ने ली है. इस टेररिस्ट ग्रुप को पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त है.
सिंधु जल संधि रद्द करने पर पाकिस्तान ने क्या कहा?
NSC ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने के भारत के फैसले के जवाब में कड़ी चेतावनी भी जारी की है. यह द्विपक्षीय समझौता 1960 से ही लागू है. पाकिस्तान ने इस निलंबन की निंदा की है और इसे युद्ध की कार्रवाई बताया है. साथ ही भारत को चेतावनी दी है कि अगर संधि के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. पाकिस्तान ने भारत के इस कदम को पूरी तरह से खारिज किया है.
पहलगाम हमले पर प्रधानमंत्री मोदी की कड़ी प्रतिक्रिया
पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने की प्रतिबद्धता जताई है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को दुनिया की आखिरी छोड़ तक खदेड़ने की बात कही है.