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क्या 'वक्फ' के सहारे बिहार में RJD की लगेगी नैया पार? देखिए, कैसे मुसलमानों को समेटने में लगी लालू यादव की सेना

वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर पूरे देश में बवाल चल रहा है. सभी पार्टियां सुप्रीम कोर्ट में इसे चैलेंज दे रही है. हालांकि, ये महज एक दिखावा जैसा लगता है. क्योंकि CAA और कई मुद्दों को लेकर पार्टियों ने कोर्ट का रूख किया, जिसका कोई नतीजा नहीं निकला. ये दिखावा इसलिए भी लगता है कि वक्फ के जरिए सभी की नजर बिहार चुनाव पर लगी है.

Bihar Assembly Election 2025: बिहार में इस साल के अंत तक चुनाव होने वाला है. इस बीच संसद के दोनों सदनों में वक्फ संशोधन विधेयक पास हो गया और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद देश भर में कानून बनकर लागू हो गया. होने वाला विधानसभा चुनाव और वक्फ के सहारे मुसलमान वोटर्स को अपने पाले में करने का मौका विपक्ष के हाथों लग गया. इसमें सबसे आगे लालू यादव की पार्टी आरजेडी निकली क्योंकि बिहार चुनाव में उसे पूरा फायदा हो सकता है.  

वक्फ बोर्ड का बिहार से नाता भी पुराना है. बिहार में 3000 से अधिक वक्फ संपत्ति है और चौंकाने वाली बात तो ये है कि 25% संपत्ति पर अवैध कब्जा है. इसके बावजूद भी एक बार तो पटना से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित फतुहा के गोविंदपुर नाम के पूरे गांव दावा ठोक दिया था और ये गांव हिंदुओं से भरा है. ऐसे में सवाल ये है कि RJD एक ओर दावा करती है कि वह बिहार की जनता के साथ है और दूसरी ओर वक्फ के पुराने बिल की मांग, जनता को आरजेडी का स्टेंड समझने नहीं दे रहा है. 

बिहार में मुस्लिमों का समीकरण

बिहार में मुस्लिम आबादी 17.70 प्रतिशत है, जिनमें कई जिले कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और दरभंगा ऐसे जिले हैं, जहां के कई विधानसभा क्षेत्र में चुनाव के दौरान ये मुस्लिम वोटर्स निर्णायक निभाते हैं. इन आंकड़ो को देखते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पूरी तरह से वक्फ के मुद्दे को उछाल रहे हैं, ताकि नाराज मुसलमानों का दिल और फिर वोट जीता जा सके. RJD ने तो वक्फ बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है. 

आरजेडी का बिहार चुनाव जीतने का 'वक्फ' प्लान

राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा, 'हम सरकार बनाएंगे और इसे (वक्फ संशोधन विधेयक) कूड़ेदान में फेंक देंगे.' तेजस्वी यादव ने आगे कहा, 'हमने दोनों सदनों में इस बिल का पुरजोर विरोध किया है, लेकिन कुछ धर्मनिरपेक्ष दलों और तथाकथित धर्मनिरपेक्ष नेताओं की पोल खुल गई है. हमने हमेशा अपनी विचारधारा की लड़ाई लड़ी है और इस बार इस बिल का समर्थन करने वालों को बिहार की जनता से करारा जवाब मिलेगा.'

RJD में सबे पढ़े लिखे नेता कहे जाने वाले सांसद मनोज झा ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर कहा, 'राष्ट्रीय जनता दल की याचिकाओं का पहला बैच कल अपलोड किया जाएगा और उसके बाद, हमारे कई संबद्ध संगठन वहां (सुप्रीम कोर्ट) जा रहे हैं. यह (बिल) संविधान के मूल चरित्र का उल्लंघन है. यह सद्भाव को नष्ट करने की साजिश है. हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट लोगों में जो निराशा, निराशा की भावना है, उसे दूर करेगा.' हालांकि, कईयों कि ये चुनावी मजबूरी भी है. 

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