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Amarnaath Yatra: आतंकी हमलों के बीच अमित शाह का करारा जवाब, 'अमरनाथ यात्रा का सुचारू संचालन सरकार की प्राथमिकता'

अमरनाथ यात्रा और जम्मु-कश्मीर में आतंकियों के हमले के बाद अमित शाह एक्शन में दिख रहे हैं. उन्होंने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि, 'मोदी सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि श्री अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें.'

Amarnaath Yatra: अमरनाथ यात्रा और जम्मु-कश्मीर को आतंकियों द्वारा टारगेट बना जाने कि बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने पुराने तेवर के साथ एक्शन में दिख रहे हैं. शपथ लेते के साथ ही वो आतंक के सफाया के लिए ताबड़तोड़ मीटिंग कर रहे हैं. अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा और जम्मु-कश्मीर की आम जनता की सुरक्षा को सुनिश्चित करने में लग गए हैं. 

अमित शाह ने रविवार को कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्राथमिकता अमरनाथ यात्रा का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना और श्रद्धालुओं को हिमालय के गुफा मंदिर की यात्रा के दौरान किसी भी कठिनाई का सामना करने से बचाना है.

यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए दिल्ली में बुलाई गई एक बैठक में शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और दक्षिण कश्मीर के हिमालय में स्थित गुफा मंदिर की तीर्थयात्रा के लिए कर्मियों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. अमरनाथ यात्रा 29 जून को शुरू होगी और 19 अगस्त को समाप्त होगी.

यह बैठक जम्मू-कश्मीर में हाल के आतंकवादी हमलों के मद्देनजर आयोजित की गई थी. इन हमलों में 9 लोगों की जान चली गई और कई घायल हो गए थे.

जम्मू में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के तुरंत बाद हुई बैठक में शाह ने कहा, 'मोदी सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि श्री अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें और उन्हें किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े.'

उन्होंने कहा कि, 'प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक और परेशानी मुक्त अनुभव सुनिश्चित करने और अमरनाथ तीर्थयात्रा के प्रबंधन में पर्यावरण-अनुकूल उपाय अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है.'

बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे और थल सेनाध्यक्ष (नामित) लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी उपस्थित थे.

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