'जागो हिंदुओं, चुप रहने से तुम्हें...', बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की हत्या पर भड़का 'फिल्मीस्तान', जाह्नवी कपूर से लेकर काजल अग्रवाल ने कही ये बात
बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या और शव जलाए जाने की घटना ने भारत में भारी आक्रोश पैदा किया है. जाह्नवी कपूर, काजल अग्रवाल, जया प्रदा और रुपाली गांगुली समेत कई भारतीय सितारों ने इस बर्बरता की कड़ी निंदा की है. घटना ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और वहां की सरकार की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
Bangladesh Hindu lynching: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या और फिर शव को आग के हवाले किए जाने की घटना ने न सिर्फ बांग्लादेश बल्कि भारत में भी जबरदस्त आक्रोश पैदा कर दिया है. इस बर्बर हत्या को लेकर कई भारतीय फिल्मी हस्तियों ने खुलकर अपनी नाराज़गी जताई है और बांग्लादेशी सरकार से जवाबदेही की मांग की है.
भीड़ की हिंसा का शिकार बने दीपू चंद्र दास
बांग्लादेश के मयमनसिंह इलाके में रहने वाले दीपू चंद्र दास एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करते थे. उन पर कथित तौर पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया, जिसके बाद उग्र भीड़ ने उन्हें घेर लिया. दीपू को बेरहमी से पीटा गया, फिर एक पेड़ से बांधकर जिंदा जला दिया गया. बाद में जांच में यह सामने आया कि ईशनिंदा के आरोपों का कोई सबूत नहीं मिला, लेकिन तब तक एक निर्दोष जान जा चुकी थी. इस मामले में अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
एक के बाद एक हिंदुओं की हत्या से बढ़ा डर
दीपू दास की हत्या के बाद बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले में भी एक और हिंदू युवक अमृत मंडल उर्फ सम्राट की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. 29 वर्षीय सम्राट पर देर रात हमला किया गया, जिसके कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जाह्नवी कपूर का तीखा बयान
बॉलीवुड अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने इस घटना को 'बर्बर और अमानवीय' बताते हुए सोशल मीडिया पर गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने लिखा कि अगर लोग इस सार्वजनिक लिंचिंग के बारे में जानकर भी गुस्सा महसूस नहीं करते, तो यही दोहरा रवैया समाज को अंदर से खत्म कर देगा. जाह्नवी ने कहा कि हम दुनिया के दूसरे कोनों की घटनाओं पर तो आवाज उठाते हैं, लेकिन जब हमारे अपने लोगों को जिंदा जला दिया जाता है, तब चुप्पी साध लेते हैं.
काजल अग्रवाल और जया प्रदा ने भी उठाई आवाज
दक्षिण भारतीय अभिनेत्री काजल अग्रवाल ने 'All Eyes on Bangladesh Hindus' पोस्टर साझा करते हुए बांग्लादेश में बढ़ते इस्लामी कट्टरपंथ और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों की ओर ध्यान दिलाया.
वहीं अभिनेत्री और पूर्व सांसद जया प्रदा ने एक भावुक वीडियो में कहा कि दीपू दास की हत्या ने उनका दिल झकझोर दिया है. उन्होंने इसे हिंदू धर्म पर हमला बताते हुए सवाल किया कि आखिर कब तक ऐसी घटनाओं पर चुप्पी साधी जाती रहेगी.
रुपाली गांगुली और मनोज जोशी का सवाल
टीवी अभिनेत्री रुपाली गांगुली ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों की निंदा करते हुए कहा कि जब फिलिस्तीन या गाजा की बात होती है तो लोग खुलकर बोलते हैं, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जो हो रहा है, उस पर खामोशी क्यों?
अभिनेता मनोज जोशी ने भी यही सवाल उठाया और कहा कि हिंदू की हत्या पर सामने न आना बेहद दुखद है.
संगीत के जरिए विरोध
गायक टोनी कक्कड़ ने भी दीपू दास की हत्या का जिक्र अपने नए गाने ‘चार लोग’ में किया। गीत के बोलों के जरिए उन्होंने धर्म के नाम पर हिंसा को गलत ठहराया और जिम्मेदार लोगों से सवाल पूछने की अपील की.
भारत में विरोध, रिश्तों पर असर
इस घटना को लेकर भारत में भी गुस्सा फूट पड़ा। दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर प्रदर्शन हुए. फरवरी में बांग्लादेश में होने वाले चुनावों से पहले इस तरह की घटनाओं ने वहां की आंतरिक स्थिति और भारत-बांग्लादेश संबंधों दोनों पर असर डाल दिया है.
कुल मिलाकर, दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बांग्लादेश में अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं? और क्या इस तरह की भीड़ हिंसा पर सख्त कार्रवाई होगी, या फिर निर्दोष लोगों की जान यूं ही जाती रहेगी.










