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US-इज़राइल-ईरान तनाव के बीच सरकार ने ₹10 प्रति लीटर घटाई एक्साइज ड्यूटी, जानिए कितना सस्ता होगा ₹10 प्रति लीटर

अमेरिका, इज़राइल और ईरान के तनाव के बीच बढ़ते कच्चे तेल के दामों को देखते हुए सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटा दी है. इस फैसले से तेल कंपनियों को राहत मिलेगी और आम लोगों पर तुरंत कीमत बढ़ने का असर नहीं पड़ेगा. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़े तो आने वाले समय में महंगाई बढ़ सकती है.

Excise Duty Cut Petrol Diesel: अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति का असर अब भारत में भी दिखने लगा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई थी. इसी बीच लोगों में घबराहट के कारण पैनिक बाइंग की खबरें भी सामने आने लगीं. हालात को संभालने के लिए India सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती कर दी है.

सरकार का बड़ा फैसला, टैक्स में भारी कटौती

सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को ₹13 प्रति लीटर से घटाकर ₹3 प्रति लीटर कर दिया है. वहीं डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को से पूरी तरह खत्म कर दिया गया है. इस फैसले का सीधा उद्देश्य तेल कंपनियों पर बढ़ते दबाव को कम करना है, ताकि आम लोगों को अचानक बढ़ती कीमतों का सामना न करना पड़े.

अंतरराष्ट्रीय तनाव बना बड़ी वजह

दरअसल, हाल ही में United States और Israel द्वारा Iran पर किए गए हमलों के बाद हालात और गंभीर हो गए. ईरान की जवाबी कार्रवाई से वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ी और कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल देखने को मिला. बताया जा रहा है कि 28 फरवरी के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं.

इस तेजी का असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर सीधा पड़ता है, जहां बड़ी मात्रा में कच्चा तेल बाहर से आता है.

तेल कंपनियों पर बढ़ा दबाव

भारत की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियां Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum काफी समय से दबाव में थीं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने के बावजूद घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतें लंबे समय से स्थिर रखी गई थीं.

ऐसे में कंपनियां महंगे दाम पर तेल खरीद रही थीं, लेकिन उसे उसी पुराने रेट पर बेच रही थीं, जिससे उन्हें लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा था.

निजी कंपनियों ने बढ़ाई कीमतें

इस बीच निजी क्षेत्र की कंपनी Nayara Energy ने पहले ही पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए थे. कंपनी ने पेट्रोल की कीमत ₹5 प्रति लीटर और डीजल ₹3 प्रति लीटर बढ़ा दिया.

हालांकि Jio-bp, जो Reliance Industries और BP की साझेदारी है, ने अभी तक कीमतें नहीं बढ़ाई हैं, लेकिन उसे भी नुकसान झेलना पड़ रहा है.

कीमतें फिलहाल स्थिर, लेकिन संकेत साफ

सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल आम उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. हालांकि, प्रीमियम पेट्रोल के दाम ₹2 प्रति लीटर और इंडस्ट्री के लिए बल्क डीजल करीब ₹22 प्रति लीटर महंगा किया गया है.

इससे यह साफ संकेत मिलता है कि कंपनियां धीरे-धीरे बढ़ती लागत को एडजस्ट करने की कोशिश कर रही हैं.

आम लोगों के लिए क्या मायने

सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में कटौती का फायदा सीधे तौर पर आम लोगों को यह मिलेगा कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी. यानी रोजमर्रा के खर्च पर तुरंत असर नहीं पड़ेगा.

हालांकि, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में महंगाई बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. ट्रांसपोर्ट महंगा होने पर इसका असर खाने-पीने से लेकर हर जरूरी चीज की कीमत पर पड़ सकता है.

आगे क्या?

मौजूदा हालात में सरकार ने एक संतुलित कदम उठाने की कोशिश की है—एक तरफ तेल कंपनियों को राहत दी गई है, तो दूसरी तरफ आम जनता को तुरंत बढ़ती कीमतों से बचाया गया है.

लेकिन पूरी स्थिति काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय हालात पर निर्भर करेगी. अगर Iran और पश्चिमी देशों के बीच तनाव कम नहीं होता, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है.

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