BREAKING:
PM Kisan 22nd Installment 2026: 9.32 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचे 2-2 हजार रुपये, ऐसे चेक करें पैसे आए या नहीं       साइलेंट स्लीप एपिडेमिक क्या है, जो भारत में 45% लोगों की निंद उड़ा रहा?       भारतीय टैंकरों को Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरने की अनुमति, जयशंकर की कूटनीति लाई रंग       Aaj Ka Rashifal 26 February 2026: आर्द्रा नक्षत्र का असर, किस राशि पर कितना भारी पड़ेगा आज का दिन?       कितना ताकतवर है HAMMER मिसाइल, जो राफेल की बनेगी नई ताकत? Modi-Macron मुलाकात में डिफेंस डील का धमाका       India AI Summit 2026: क्या यही है भारत की टेक सुपरपावर बनने की शुरुआत? ग्लोबल रेस में बढ़त बनाने की तैयारी | 10 POINTS       AI के डर से डगमगाया भारतीय IT सेक्टर, एक हफ्ते में ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा की संपत्ति साफ       IND vs PAK मैच के दौरान रैपर 'हनुमानकाइंड' ने नहीं गाया धुरंधर का टाइटल ट्रैक, छिड़ी बहस के बीच सिंगर हो रहे ट्रोल       Weekly Horoscope, 16-February to 22-February-2026: ग्रहों का बड़ा संकेत, जानिए आपका साप्ताहिक भविष्यफल       Aaj Ka Rashifal 11 February 2026: करियर और रिश्तों में संतुलन बनाएंगे तो चमकेगी किस्मत, पढ़े आज का राशिफल      

बांग्लादेश चुनाव से पहले एक और नेता ने कस्टडी में तोड़ा दम, शेख हसीना के थे करीबी, उठ रहे हैं सवाल

दिनाजपुर जिला जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद अवामी लीग के वरिष्ठ नेता रमेश चंद्र सेन का निधन हो गया. वे 86 वर्ष के थे और बांग्लादेश के पूर्व जल संसाधन मंत्री तथा पांच बार सांसद रह चुके थे. 12 फरवरी के चुनाव से ठीक पहले हुई इस घटना ने बांग्लादेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है.

Bangladesh: बांग्लादेश की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. शेख हसीना की अगुवाई वाली अवामी लीग के वरिष्ठ नेता और पूर्व जल संसाधन मंत्री रमेश चंद्र सेन का शनिवार को निधन हो गया. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिनाजपुर जिला जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सुबह करीब 9:30 बजे दिनाजपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. वह 86 वर्ष के थे. उनकी मौत ऐसे समय हुई है जब 12 फरवरी को बांग्लादेश में संसदीय चुनाव होने वाले हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल और तेज हो गई है.

जेल प्रशासन के मुताबिक, रमेश चंद्र सेन पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे. दिनाजपुर जेल अधीक्षक फरहाद सरकार ने बताया कि सेन को 17 अगस्त को दिनाजपुर जिला जेल लाया गया था. वे ‘डिवीजन प्रिजनर’ के रूप में यहां रखे गए थे और जेल में लाए जाने से पहले भी अस्वस्थ थे. शनिवार सुबह करीब 9 बजे उनकी हालत अचानक बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जान नहीं बच सकी.

कौन थे रमेश चंद्र सेन?

30 अप्रैल 1940 को ठाकुरगांव सदर उपजिला के रुहिया यूनियन में जन्मे रमेश चंद्र सेन, क्षितींद्र मोहन सेन और बालाश्वरी सेन के पुत्र थे. वे अवामी लीग के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे और हसीना सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे. वर्ष 2009 से 2014 के बीच उन्होंने बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई. इसके अलावा वे पार्टी के सलाहकार भी रहे.

संसदीय राजनीति में भी उनका लंबा अनुभव रहा। वे पांच बार सांसद चुने गए. पहली बार 1997 में ठाकुरगांव-1 सीट से उपचुनाव जीतकर संसद पहुंचे. इसके बाद 2008, 2014, 2018 और 2024 में भी वे इसी सीट से निर्वाचित हुए. शेख हसीना के पदच्युत होने के बाद अगस्त 2024 में उन्हें जेल भेजा गया, तब से वे दिनाजपुर जिला जेल में ही थे.

चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

रमेश चंद्र सेन का निधन ऐसे वक्त पर हुआ है जब बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने जा रहे हैं. इन चुनावों को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के लिए अहम माना जा रहा है. कई सर्वेक्षणों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को बढ़त मिलने का दावा किया गया है, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है. सेन की मौत ने चुनावी माहौल में एक नया राजनीतिक आयाम जोड़ दिया है.

ये भी देखिए: 

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील से टेंशन में आया बांग्लादेश, जानिए किन वजहों से मची खलबली