Ajit Pawar कैसे बने महाराष्ट्र की राजनीति के 'दादा'? विमान दुर्घटना में हुई दर्दनाक मौत
अजीत पवार महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहे हैं, और यह कार्यकाल लगातार नहीं रहा. उन्होंने अलग-अलग सरकारों में छह बार उपमुख्यमंत्री का पद संभाला. उन्होंने पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की मंत्रिमंडलों में उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था.
Ajit Pawar political career: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की आज एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई. महाराष्ट्र के बारामती में लैंडिंग की कोशिश के दौरान उनका विमान क्रैश-लैंड हो गया. हदसा इतना भयावह था कि कुछ ही सेकेंड में आग की लपटों से विमान राख में बदल गया.
DGCA के अनुसार, महाराष्ट्र के मुंबई से बारामती जा रहे चार्टर्ड प्लेन में सवार चालक दल सहित पांच लोगों की आज सुबह 8.45 बजे क्रैश-लैंडिंग में मौत हो गई. मुंबई-बारामती चार्टर प्लेन की क्रैश लैंडिंग बारामती में रनवे के पास हुई. पवार के साथ 2 और लोग (1 PSO और 1 अटेंडेंट) और 2 क्रू मेंबर सवार थे.
अजीत पवार का राजनीतिक करियर
1. अजीत पवार महाराष्ट्र की राजनीति के ऐसे नेता रहे हैं, जिन्होंने गैर-लगातार सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री के रूप में सेवा दी. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में कुल छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली.
2. अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों और गठबंधनों के बीच अजीत पवार ने पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की सरकारों में उपमुख्यमंत्री के तौर पर काम किया, जो उनकी राजनीतिक पकड़ और प्रभाव को दर्शाता है.
3. उनके निजी जीवन की बात करें तो अजीत पवार की शादी सुनेत्रा पवार से हुई थी. उनके दो बेटे हैं - जय पवार और पार्थ पवार, जो सार्वजनिक जीवन में भी जाने-पहचाने नाम हैं.
4. अजीत पवार ने 1982 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने सबसे पहले एक सहकारी चीनी मिल के बोर्ड के लिए चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा, जो आगे चलकर उनके करियर की नींव बना.
5. 1991 में अजीत पवार को एक अहम जिम्मेदारी मिली जब उन्हें पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक का अध्यक्ष चुना गया. इससे उनकी प्रशासनिक क्षमता और सहकारी क्षेत्र में पकड़ मजबूत हुई.
6. इसी साल 1991 में अजीत पवार पहली बार बारामती संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद बने. बाद में उन्होंने यह सीट अपने चाचा और वरिष्ठ नेता शरद पवार के लिए खाली कर दी थी.
7. अजीत पवार ने बारामती विधानसभा क्षेत्र से सात बार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव जीता. उन्होंने पहली जीत 1991 के उपचुनाव में दर्ज की और इसके बाद 1995, 1999, 2004, 2009 और 2014 में लगातार जीत हासिल की.
8. नवंबर 2019 महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मोड़ लेकर आया, जब अजीत पवार ने एनसीपी में फूट डालते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होकर उपमुख्यमंत्री पद संभाला.
9. इसके बाद फरवरी 2024 में, चुनाव आयोग ने एक अहम फैसला सुनाते हुए एनसीपी का नाम और चुनाव चिन्ह अजीत पवार के गुट को सौंप दिया, जिससे पार्टी पर उनकी पकड़ औपचारिक रूप से स्थापित हो गई.
10. अजीत पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को हुआ था. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा देवलाली प्रवरा, अहमदनगर में पूरी की. स्कूल के बाद उन्होंने कॉलेज में दाखिला लिया, लेकिन पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए पढ़ाई छोड़नी पड़ी, जिसके कारण वह अपनी ग्रेजुएशन पूरी नहीं कर सके.










