चुनाव के बाद पहली बार मीडिया में तेजस्वी यादव, करारी हार की बताई असली वजह, सरकार से पूछ लिए 3 सवाल
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में हार के बाद RJD नेता तेजस्वी यादव लंबे समय बाद पटना लौटे और सरकार पर बड़ा हमला बोला. तेजस्वी ने कहा कि चुनाव में 'लोक हारा है और तंत्र जीता है' और जनतंत्र को धन तंत्र व मशीन तंत्र में बदल दिया गया. उन्होंने सरकार को 100 दिन का वक्त देते हुए चेतावनी दी कि वादे पूरे नहीं हुए तो हल्लाबोल किया जाएगा.
Tejashwi Yadav: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव रविवार को लंबे समय बाद पटना पहुंचे. पटना एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही उन्होंने मीडिया से बातचीत की और चुनाव नतीजों से लेकर राज्य की मौजूदा सरकार, उसके गठन और वादों पर जमकर निशाना साधा. तेजस्वी के बयान से साफ संकेत मिला कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और ज्यादा गरमाने वाली है.
मीडिया से बातचीत की शुरुआत करते हुए तेजस्वी यादव ने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं. इसके बाद उन्होंने सीधे चुनाव परिणामों पर बात करते हुए कहा, 'आप सब लोगों को सबसे पहले नववर्ष की शुभकामनाएं. आप जानते हैं कि पिछले साल चुनाव संपन्न हुआ है. उस चुनाव में लोक हारा है और तंत्र जीता है. कह सकते हैं कि जनता की हार हुई है और सिस्टम की जीत हुई है.'
तेजस्वी ने इशारों में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनतंत्र को धन तंत्र और मशीन तंत्र में बदल दिया गया है.
#WATCH | पटना: RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा, "पिछले साल चुनाव संपन्न हुआ है। पिछले चुनाव में लोकतंत्र में 'लोक' हारा है और तंत्र जीता है। 'लोक' की हार हुई है और तंत्र की चुनाव में जीत हुई। जनतंत्र को इन्होंने धन तंत्र और मशीन तंत्र बना दिया है। हम जानते हैं कि क्या षड्यंत्र रचा… pic.twitter.com/L7yindjXY0
'धन तंत्र और मशीन तंत्र से जीते हैं चुनाव'
तेजस्वी यादव ने मौजूदा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष नहीं थे. उन्होंने कहा, 'हम सब जानते हैं कि क्या षड्यंत्र रचा गया। छल-कपट से चुनाव जीते गए हैं। नई सरकार कैसे बनी है, यह पूरा देश और बिहार की जनता जानती है.'
इस बयान के जरिए तेजस्वी ने साफ कर दिया कि RJD चुनाव नतीजों को लेकर अब भी असंतुष्ट है और भविष्य में इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया जा सकता है.
सरकार को 100 दिन का वक्त, तब तक चुप रहेगा RJD
तेजस्वी यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी फिलहाल टकराव की राजनीति नहीं करेगी. उन्होंने कहा, 'हम लोग सकारात्मक राजनीति करते हैं. इसलिए हमने फैसला किया है कि 100 दिन तक हम इस सरकार और इसके फैसलों पर कुछ नहीं बोलेंगे.'
हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने सरकार के सामने शर्तें भी रख दीं. तेजस्वी ने कहा कि 100 दिन बाद सरकार के कामकाज का मूल्यांकन किया जाएगा. उन्होंने सवाल उठाए,
1. क्या माताओं-बहनों को दो-दो लाख रुपए मिलेंगे?
2. एक करोड़ युवाओं को नौकरियां कब मिलेंगी?
3. हर जिले में 4-5 कारखाने लगाने का वादा पूरा होगा या नहीं?
तेजस्वी ने कहा कि सरकार ने जो घोषणापत्र जारी किया है, उस पर कितना अमल होता है, यह आने वाले 100 दिनों में साफ हो जाएगा.
बढ़ते अपराध पर भी चुप्पी, लेकिन इशारा साफ
जब मीडिया ने बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर सवाल किया, तो तेजस्वी यादव ने दो टूक जवाब दिया कि 100 दिन तक इस मुद्दे पर भी कुछ नहीं बोलेंगे. लेकिन उनके शब्दों से साफ था कि यह मुद्दा आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है.
100 दिन बाद हल्लाबोल के संकेत
तेजस्वी यादव के पूरे बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि अगर 100 दिनों के भीतर सरकार अपने बड़े वादों को पूरा नहीं कर पाती है, तो RJD सड़कों से लेकर विधानसभा तक सरकार के खिलाफ हल्लाबोल करेगी. खासकर महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता और युवाओं को नौकरी देने का मुद्दा आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति का केंद्र बन सकता है.
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