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उत्तर प्रदेश में 19% वोटर्स आउट, SIR से खुला बड़ा वोटर लिस्ट का फर्जीवाड़ा, 2027 चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें 15.44 करोड़ में से 12.55 करोड़ नाम बरकरार रखे गए हैं. करीब 2.89 करोड़ नाम शिफ्टिंग, मौत और डुप्लिकेट आईडी की वजह से हटाए गए हैं. जिन मतदाताओं के नाम नहीं हैं, वे 6 फरवरी तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं.

UP Voter List 2026: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. चुनाव आयोग ने मंगलवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत राज्य की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है.

इस लिस्ट में कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 12.55 करोड़ लोगों के नाम बरकरार रखे गए हैं, जो करीब 81.30 प्रतिशत है. वहीं, 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिससे सियासी हलकों से लेकर आम लोगों तक हलचल तेज हो गई है.

किन वजहों से हटे 2.89 करोड़ वोटरों के नाम?

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के पीछे ठोस कारण हैं.

उनके मुताबिक, 2.17 करोड़ लोग स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो चुके हैं, 46.23 लाख मतदाताओं की मौत हो चुकी है, जबकि 25.47 लाख लोगों के वोटर आईडी डुप्लिकेट पाए गए या वे सत्यापन के दौरान लापता मिले. इन्हीं वजहों से इन सभी नामों को ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाया गया है.

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं?

अगर किसी मतदाता का नाम इस ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. चुनाव आयोग ने इसके लिए आपत्ति दर्ज कराने का पूरा मौका दिया है.

मतदाता 6 फरवरी तक चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कर सकते हैं, या फिर अपने इलाके के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से संपर्क कर सकते हैं.

राज्यभर में 15 हजार से ज्यादा पोलिंग स्टेशन

CEO नवदीप रिनवा ने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में 15,000 से ज्यादा पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं. इसके साथ ही ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की प्रतियां सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध करा दी गई हैं, ताकि वे भी इसकी जांच कर सकें और जरूरत पड़ने पर आपत्तियां दर्ज करा सकें.

कौन सा फॉर्म भरना है?

Form 6, Form 7 और Form 8 की पूरी जानकारी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अलग-अलग स्थितियों के लिए जरूरी फॉर्म की जानकारी भी दी:

Form 7

अगर कोई व्यक्ति अपना नाम वोटर लिस्ट से हटवाना चाहता है.

या परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हो चुकी है.

Form 8

अगर वोटर लिस्ट में नाम, पता या कोई जानकारी गलत है.

या मतदाता किसी और जगह शिफ्ट हो चुका है.

Form 6

अगर किसी व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट में है ही नहीं.

और वह नया नाम जुड़वाना चाहता है.

CEO ने साफ कहा कि सबसे पहले हर मतदाता को ड्राफ्ट लिस्ट में अपना नाम जरूर चेक करना चाहिए.

फाइनल वोटर लिस्ट कब आएगी?

चुनाव आयोग के अनुसार, 6 मार्च 2026 को SIR प्रक्रिया के तहत फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी. मतदाता चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपने EPIC नंबर के जरिए अपने नाम और डिटेल्स की जांच कर सकते हैं.

नवदीप रिनवा ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि अगर ड्राफ्ट लिस्ट में नाम नहीं है, तो समय रहते Form 6 भरें, ताकि फाइनल लिस्ट में कोई दिक्कत न आए.

क्यों जरूरी है वोटर लिस्ट की जांच?

चुनाव आयोग की यह प्रक्रिया इसलिए भी अहम है क्योंकि वोटर लिस्ट में नाम न होने पर मतदान का अधिकार खत्म हो सकता है. ऐसे में हर मतदाता के लिए जरूरी है कि वह समय रहते अपनी जानकारी की जांच करे और जरूरत पड़ने पर सुधार या आपत्ति दर्ज कराए.

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