PM Modi ने कैसे मॉरीशस जाकर बिहार चुनाव के लिए खींच दी लक्ष्मण रेखा?
PM Modi Focus On Bihar Election: मखाना के उपहार से लेकर पारिवारिक संबंधों और भोजपुरी गीतों तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव के लिए एक बिगुल फूंक दिया है. बजट से लेकर बिहार के मखाने पर उनका फोकस बिहार के लोगों को आकर्षित कर राज्य में बीजेपी की स्थिति मजबूत करने की पूरी तैयारी है.

PM Modi Focus On Bihar Election: मॉरीशस की करीब 70 फीसदी आबादी भारतीय मूल की है. इसलिए इसे 'मिनी इंडिया' कहा जाता है. उनमें भी आधे से अधिक बिहार के लोग हैं, जिस कारण इसे 'मिनी बिहार' भी कहा जाता है. मॉरीशस की कुल आबादी का 52% हिंदू है. इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी की मॉरीशस यात्रा बिहार चुनाव के लिए लक्ष्मण रेखा खिंचने का काम किया.
पीएम मोदी ने मॉरीशस में संपन्न बिहारी प्रवासी के साथ संबंधों को मजबूत करने का हर संभव प्रयास किया. उन्होंने अपने मॉरीशस के समकक्ष नवीन रामगुलाम को मखाना भेंट किया और भोजपुरी में एक कार्यक्रम में अपने भाषण की शुरुआत की, जिसने बिहारियों के उनके प्रेम संदेश को बिहार तक पहुंचाया. माना जा रहा है कि ये कदम इस साल के अंत तक होने वाले बिहार चुनाव के लिए कारगार साबित हो सकता है.
भोजपुरी गीत से पीएम मोदी का स्वागत
पोर्ट लुइस में उतरने पर महिलाओं के एक ग्रुप ने पारंपरिक भोजपुरी गीत गाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया, जिसे गवई कहा जाता है. इसे शादी जैसे खुशी के मौकों पर गाया जाता है और 2016 से यह यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा रहा है. महिलाओं ने गाया - राजा के सोभे ला माथे मौरिया, कृष्ण के सोभे ला हाथे बांसुरी, अहो राजा नाचेला नाचेला, कृष्ण बजावे बांसुरी (सिर पर मुकुट के साथ राजा अच्छे लगते हैं, हाथ में बांसुरी के साथ कृष्ण अच्छे लगते हैं; ओह राजा नाचते हैं, कृष्ण बांसुरी बजाते हैं).'
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मॉरीशस की 1.2 मिलियन आबादी में से लगभग 70% भारतीय मूल के हैं और 50% से ज़्यादा लोग भोजपुरी बोलते हैं. पूरे दौरे के दौरान पीएम मोदी के सोशल मीडिया हैंडल पर भोजपुरी में पोस्ट डाले गए. पिछले साल लोकसभा चुनावों के दौरान NDA बक्सर, आरा, सासाराम और औरंगाबाद जैसे कुछ प्रमुख भोजपुरी भाषी निर्वाचन क्षेत्रों में हार गया था. बिहार में भोजपुरी बेल्ट 10 जिलों में फैली हुई है और इसमें 73 विधानसभा सीटें शामिल हैं. पीएम मोदी इस बार के विधानसभा चुनाव से इन सीटों को अपने पाले में करना चाहते हैं.
प्रधानमंत्री ने अपने समकक्ष को मखाना भेंट करते हुए कहा कि यह जल्द ही वैश्विक मेनू का हिस्सा बन जाएगा. नालंदा की भावना को पुनर्जीवित करने की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'मैं बिहार के साथ आपके भावनात्मक जुड़ाव को भी समझता हूं. जब दुनिया के कई हिस्से शिक्षा से दूर थे, तब बिहार में नालंदा जैसा वैश्विक संस्थान खुला. हमारी सरकार ने नालंदा विश्वविद्यालय और उसकी भावना को फिर से पुनर्जीवित किया है.'
पीएम मोदी की विदेश यात्रा बिहार पर केंद्रित
यह पहली बार नहीं है कि मोदी ने बिहार के प्रवासी लोगों से संपर्क साधा है, इससे पहले वे गुयाना, फिजी, त्रिनिदाद और टोबैगो, सूरीनाम और सेशेल्स जैसे अन्य द्वीपीय देशों में भी ऐसा कर चुके हैं. गुयाना की कुल आबादी में 43.5% भारतीय हैं, जिनमें ज़्यादातर बिहार से हैं. पीएम मोदी ने पिछले साल राष्ट्रपति इरफ़ान अली को अपनी यात्रा के दौरान मधुबनी पेंटिंग भेंट की थी. हाल ही में प्रधानमंत्री ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बेटे को मधुबनी थीम पर आधारित एक पहेली भी उपहार में दी थी.
ये भी देखिए: पूरी दुनिया जानती है कि... भारत ने बलूचिस्तान ट्रेन हाईजेक के पाकिस्तान के आरोपों का दिया करारा जवाब