Room Heater Side Effects: नींद में मौत का खतरा! जानिए क्यों खतरनाक है रातभर रूम हीटर चलाना
सर्दियों में पूरी रात रूम हीटर चलाकर सोना आपकी सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है. हीटर से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस दम घुटने, हार्ट अटैक और नींद में मौत का कारण बन सकती है. अस्थमा, दिल और स्किन की बीमारी वाले लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है.
Room Heater Side Effects: सर्दियों का मौसम आते ही ठंड से बचने के लिए लोग तरह-तरह के इंतज़ाम करने लगते हैं. मोटे कपड़े, रजाइयां, कंबल और इसके साथ ही सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने लगता है रूम हीटर और ब्लोअर का. खासकर शहरों और बंद कमरों में लोग पूरी रात हीटर चालू रखकर सो जाते हैं, ताकि ठंड महसूस न हो.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह आदत आपकी जान पर भारी पड़ सकती है?
डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो पूरी रात रूम हीटर चलाकर सोना कई गंभीर बीमारियों को न्योता दे सकता है और कुछ मामलों में यह नींद में मौत तक का कारण बन सकता है.
आइए विस्तार से समझते हैं कि रातभर रूम हीटर चलाना क्यों खतरनाक है और इससे कैसे बचा जा सकता है.
नींद में हो सकती है मौत, सबसे बड़ा खतरा यहीं छिपा है
अगर आप गैस हीटर या बंद कमरे में रूम हीटर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सबसे बड़ा खतरा होता है कार्बन मोनोऑक्साइड ज़हर का. रात के समय जब कमरा पूरी तरह बंद होता है और हीटर लगातार जलता रहता है, तो कमरे में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगती है और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बढ़ जाती है.
यह गैस बेहद खतरनाक होती है क्योंकि यह बिना गंध की होती है, इंसान को पता भी नहीं चलता और दिमाग तक ऑक्सीजन की सप्लाई रोक देती है.
इस स्थिति में व्यक्ति गहरी नींद में ही बेहोश हो सकता है और दम घुटने से मौत तक हो सकती है. कई मामलों में लोगों को सुबह उठने का मौका तक नहीं मिलता.
दिल के मरीजों के लिए और भी खतरनाक
अगर किसी व्यक्ति को पहले से हार्ट की बीमारी, ब्लड प्रेशर, हार्ट ब्लॉकेज और सीने में दर्द की समस्या है, तो उसके लिए हीटर चलाकर सोना जानलेवा जोखिम बन सकता है.
कार्बन मोनोऑक्साइड खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम कर देती है, जिससे सीने में तेज दर्द, घबराहट, सांस फूलना और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
अस्थमा के मरीजों के लिए हीटर किसी दुश्मन से कम नहीं
अस्थमा के मरीजों को डॉक्टर साफ तौर पर सलाह देते हैं कि वे रूम हीटर से दूरी बनाए रखें. हीटर से निकलने वाली गर्म और सूखी हवा सांस की नलियों को और संकुचित कर देती है.
इससे सांस लेने में तकलीफ, सीने में जकड़न, बार-बार खांसी और अस्थमा अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
ब्रोन्काइटिस और साइनस के मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी
जिन लोगों को ब्रोन्काइटिस, साइनस, एलर्जी और बार-बार जुकाम की समस्या रहती है, उनके लिए रूम हीटर का इस्तेमाल बीमारी को और गंभीर बना सकता है
हीटर की गर्म हवा से कफ बनने लगता है, छींकें बढ़ जाती हैं, लगातार खांसी और गले में जलन जैसी समस्याएं सामने आती हैं.
स्किन एलर्जी और रूखी त्वचा की बड़ी वजह बनता है हीटर
सर्दियों में वैसे ही त्वचा रूखी हो जाती है और रूम हीटर इस समस्या को और बढ़ा देता है. हीटर कमरे की नमी को खत्म कर देता है, जिससे त्वचा और ज्यादा ड्राई हो जाती है,
खुजली और जलन बढ़ती है और स्किन एलर्जी वाले लोगों की परेशानी दोगुनी हो जाती है
कुछ मामलों में स्किन इतनी सेंसिटिव हो जाती है कि रैशेज और इंफेक्शन तक हो सकते हैं.
आंखों की नमी छीन लेता है रूम हीटर
रूम हीटर सिर्फ शरीर से नहीं, बल्कि आंखों से भी नमी छीन लेता है।
कमरे में सूखी हवा होने से आंखों में ड्राईनेस, खुजली, जलन, लालपन और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है, खासकर उन लोगों में जो पहले से कंप्यूटर या मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं.
रूम हीटर इस्तेमाल करते समय ये सावधानियां ज़रूर बरतें
अगर आप सर्दियों में रूम हीटर का इस्तेमाल करते हैं, तो इन बातों का खास ध्यान रखें:
जरूरी सावधानियां
- हीटर के पास कागज़, बिस्तर, कंबल, फर्नीचर न रखें
- ज्वलनशील चीज़ें कम से कम 2–3 फीट दूर रखें
- बच्चों और पालतू जानवरों को हीटर से दूर रखें
- हीटर को बिना देखे कभी न छोड़ें
- सोने से पहले हीटर बंद करके प्लग निकाल दें
- कमरे में हल्की वेंटिलेशन रखें
कार्बन मोनोऑक्साइड ज़हर के लक्षण
अगर आपको ये लक्षण दिखें तो तुरंत सतर्क हो जाएं:
- सिरदर्द
- चक्कर आना
- उल्टी या मतली
- कमजोरी
- बेचैनी
- पेट दर्द
थोड़ी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
रूम हीटर ठंड से राहत ज़रूर देता है, लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह जानलेवा हथियार बन सकता है. इसलिए ज़रूरी है कि ठंड से बचते वक्त सावधानी को नजरअंदाज न करें. याद रखें, सुरक्षा पहले, गर्मी बाद में.
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