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Supreme Court के नोटिस से बढ़ी नीतीश सरकार की मुश्किलें, पुल ढहने की घटनाओं पर मांगा जवाब, जानिए क्या कुछ कहा?

Bihar bridge collapse: बिहार में लगातार गिर रहे पुल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. इसमें कहा गया है कि सरकारी लापरवाही, ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों के बीच भ्रष्ट गठजोड़ इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार है.

Bihar bridge collapse: बिहार में लगातार पुल ढ़हने की घटनाओं ने सबको हैरान कर दिया है. मामला इतना गंभीर है कि सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया. अधिवक्ता ब्रजेश सिंह इन घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. याचिका में उन्होंने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार को राज्य में सभी मौजूदा और निर्माणाधीन पुलों का उच्चतम स्तर का संरचनात्मक ऑडिट कराने का निर्देश देने की मांग की है. 

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन जजों के बेंच ने बिहार सरकार को निर्देश दिया कि वे कमजोर संरचनाओं को उनकी व्यवहार्यता के आधार पर ध्वस्त करने या पुनर्निर्मित करने की मांग वाली याचिका पर जवाब दाखिल करें. याचिकाकर्ता ने कहा कि बिहार में पुल ढहने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट को तत्काल विचार करना चाहिए. उन्होंने राज्य में सभी मौजूदा पुलों की स्थिति के बारे में एक व्यापक डेटाबेस बनाए रखने की भी मांग की है.

याचिकाकर्ता ने कही ये बात

याचिका का हवाला देते हुए एएनआई ने बताया कि यह गंभीर चिंता का विषय है कि बिहार जैसे राज्य में, जो भारत का सबसे अधिक बाढ़-प्रवण राज्य है. राज्य में कुल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र 68,800 वर्ग किमी है, जो राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 73.06 प्रतिशत है और इसलिए बिहार में पुल गिरने की ऐसी नियमित घटना अधिक विनाशकारी है क्योंकि बड़े पैमाने पर लोगों का जीवन दांव पर लगा है. 

याचिका में आगे कहा गया है कि न्यायालय को तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है ताकि बड़े पैमाने पर लोगों की जान बचाई जा सके. कई तो निर्माणाधीन पुल भी ढह गए हैं. उन्होंने राज्य में सभी मौजूदा और निर्माणाधीन पुलों की निरंतर निगरानी करने की भी मांग की.

बता दें कि पिछले दो वर्षों में अररिया, सिवान, मधुबनी और किशनगंज जिलों में निर्माणाधीन पुलों के ढहने तथा विभिन्न स्तरों पर पुल ढहने की तीन महत्वपूर्ण घटनाएं हुई हैं. इन घटनाओं में कई लोगों की मौतें और चोटें भी आई है. याचिकाकर्ता ने कहा कि सरकारी लापरवाही, ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों के बीच भ्रष्ट गठजोड़ इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार है. 

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