BREAKING:
पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों पर ताला, 100 को शो-कॉज नोटिस, सर्वे में आया दिमाग हिलाने वाला खुलासा       दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे से CCTV फुटेज आया सामने, भरभराकर गिरा बहुमंजिला भवन, 6 की मौत       'POK न तो आज़ाद और न विवादित, बल्कि कब्जे वाला क्षेत्र', कश्मीर में उबाल से टेंशन में पाकिस्तान, मुनिर की हवा टाइट       40 मिनट तक तड़पता रहा वो, देखती रही दुनिया और फिर वो छोड़ गया दुनिया! गाजियाबाद के राज कुमार की मौत की दर्दनाक स्टोरी       क्या मकान मालिक लिव-इन कपल को घर देने से कर सकता है इनकार? जानिए क्या कहता है कानून       आमिर खान के खिलाफ जारी हुआ फतवा, आखिर एक्टर से क्यों नाराज हुए मौलाना?       'अगर E20 नहीं चाहिए तो अधिक पैसे देकर 100% पेट्रोल लो', एथेनॉल पर हंगामा के बीच नितिन गडकरी, बेटों के कारोबार पर भी तोड़ी चुप्पी       Aaj Ka Rashifal 8 July 2026: मेष से मीन तक जानें नौकरी, करियर और धन से जुड़े बड़े संकेत       दुनिया हथियार बेचने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश भारत, जानिए सैन्य ताकत के लिए कितना करता है खर्च       विधायक से लेकर सांसद तक! ताश के पत्तों की तरह बिखर रही ममता सेना, TMC राजनीतिक संकट पर ताजा UPDATE      

Dharm Privartan: 'भारत की बहुसंख्यक आबादी अल्पसंख्यक हो जाएगी अगर...': धर्म परिवर्तन पर इलाहाबाद हाईकोर्ट

Dharm Privartan: भारत में लगातार हो रहे धर्म परिवर्तन को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे ही धर्म परिवर्तन होता रहा तो 'भारत की बहुसंख्यक आबादी अल्पसंख्यक हो जाएगी.'

Dharm Privartan: धर्म परिवर्तन आज देश की बड़ी समस्या ही भी सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रहा है. कई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कई मामलों में धर्म परिवर्तन स्वेच्छा नहीं बल्कि गुमराह करके कराने की बात भी सामने आई है. 

वहीं अब एक मामले में की सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को धर्म परिवर्तन पर बड़ी टिप्पणी की है और कहा कि अगर धर्म परिवर्तन का मौजूदा चलन जारी रहा तो एक दिन भारत की बहुसंख्यक आबादी अल्पसंख्यक हो जाएगी. 

उत्तर प्रदेश के एक गांव से लोगों को कल्याण समारोह के नाम पर धार्मिक समागम में ले जाने और उन्हें ईसाई धर्म में परिवर्तित करने के आरोपी एक व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा, 'अगर धार्मिक समागमों में धर्म परिवर्तन का मौजूदा चलन नहीं रोका गया तो बहुसंख्यक आबादी अल्पसंख्यक हो जाएगी.' 

इस टिप्पणी के साथ ही जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की बेंच ने आगे कहा कि ऐसे धार्मिक समागमों को तुरंत रोका जाना चाहिए जहां धर्म परिवर्तन हो रहा हो और भारत के नागरिकों का धर्म बदला जा रहा हो. 

हाईकोर्ट ने इस बात पर भी गौर किया कि उत्तर प्रदेश में एससी/एसटी और आर्थिक रूप से वंचित समुदायों के लोगों को गैरकानूनी तरीके से ईसाई धर्म में परिवर्तित करने की व्यापक प्रथा है. 

कोर्ट ने कहा कि, 'कई मामलों में न्यायालय के संज्ञान में आया है कि अनुसूचित जाति/जनजाति तथा आर्थिक रूप से गरीब व्यक्तियों सहित अन्य जातियों के लोगों का ईसाई धर्म में धर्मांतरण करने की गैरकानूनी गतिविधि पूरे उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर की जा रही है.' संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के धर्मांतरण इसके प्रावधानों का उल्लंघन करते हैं.

बता दें कि अनुच्छेद 25 धर्म का पालन करने तथा उसका प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है, जिसमें धर्म को बढ़ावा देने का अधिकार शामिल है, लेकिन यह स्पष्ट रूप से धर्मांतरण का समर्थन नहीं करता है. 

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि, 'प्रचार' शब्द का अर्थ है प्रचार करना, लेकिन इसका अर्थ किसी व्यक्ति को उसके धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तित करना नहीं है.'

ये भी देखिए: Anurag Thakur ने पूछा- कितने पन्ने हैं संविधान में..., सदन में मुंह देखते रह गई विपक्ष, जानिए संविधान में होते हैं कितने पन्ने?