BREAKING:
अभी खत्म नहीं होगी ईरान जंग, अगले 2-3 हफ्ते करेंगे जोरदार हमले... ट्रंप ने अपने संबोधन में क्या क्या कहा? | 10 POINTS       All is well! भारत में फिर से नहीं लगेगा लॉकडाउन, LPG संकट के बीच मंत्री हरदीप पुरी ने बताया पूरा सच       US-इज़राइल-ईरान तनाव के बीच सरकार ने ₹10 प्रति लीटर घटाई एक्साइज ड्यूटी, जानिए कितना सस्ता होगा ₹10 प्रति लीटर       AI के दम पर आगे बढ़ेगा Microsoft, HR से लेकर वर्क कल्चर तक बदलाव, क्या है कंपनी की मास्टर प्लान?       ईरान की दरियादिली! इन दोस्त देशों के जहाजों को Strait of Hormuz मिली एंट्री, क्या भारत भी है इसमें शामिल?       LPG खत्म, अब 3 महीने में लेना होगा PNG कनेक्शन! भारत में बदल जाएगी रसोई गैस की पूरी व्यवस्था | 5 Points में समझिए पूरी कहानी       ईरान ने अमेरिका को दिया अरबों का 'तोहफा'! क्या ये Strait of Hormuz है? ट्रम्प के दावे से ग्लोबल मार्केट हिला       क्या आप घर किराए पर ले रहे हैं? किराएदार और मकान मालिक दोनों जान लें पहले ये ज़रूरी नियम       सिर्फ 43 किमी फेंसिंग, 1600 किमी बॉर्डर पर खतरा, भारत-म्यांमार बॉर्डर पर घुसपैठ, ड्रोन और उग्रवाद का कनेक्शन!       58 महिलाएं, काला खेल, हिडेन कैमरा और फिर समाधान के बहाने... नासिक का ढोंगी ज्योतिषी और उसका 'डार्क' फार्महाउस      

कितना खतरनाक है Apache हेलिकॉप्टर? जोधपुर में तैनाती के साथ ही थर्राया पाकिस्तान, अब आसमान से बरसेगी आग

भारतीय सेना ने जोधपुर में AH-64E Apache अटैक हेलिकॉप्टर तैनात कर दिए हैं, जो पाकिस्तान सीमा पर सेना की हवाई ताकत को कई गुना बढ़ा देंगे. ये हेलिकॉप्टर लंबी रेंज, अत्याधुनिक रडार और घातक हथियारों से लैस हैं.

Indian Army Apache helicopters: 15 महीने की तैयारी और बेस की स्थापना के बाद आखिरकार भारतीय सेना को उसके 'आकाश के शिकारी' मिल गए हैं. जोधपुर की तपती धरती पर अब तैनात हो चुके हैं तीन दमदार AH-64E Apache अटैक हेलिकॉप्टर, जिन्हें अमेरिकी कंपनी Boeing ने भारत के लिए खासतौर पर तैयार किया है.

इन हेलिकॉप्टरों की बॉडी हैदराबाद के पास Tata-Boeing जॉइंट वेंचर फैक्ट्री में बनी है यानी इसमें खून भी भारतीय और हथियार भी अमेरिकन! इसके आने से पड़ोसी पाकिस्तान एक बार फिर से टेंशन में आ गया है. आइए यहां जानते हैं कि Apache कितना खतरनाक है?

कहर बनकर बरसने आया Apache

जैसे ही ये हेलिकॉप्टर पाकिस्तान बॉर्डर के पास ऑपरेशनल होंगे, दुश्मनों को आसमान की तरफ देखने से पहले 10 बार सोचना पड़ेगा. इनका रौलिंग कैमरा, लोकेशन रडार और फायर पावर इतना खतरनाक है कि 6 किलोमीटर दूर से टैंक उड़ा सकते हैं. Apache के पास है:

  1. 30 mm M230 चेन गन – नजदीकी लड़ाई के लिए घातक
  2. 70 mm Hydra रॉकेट्स – दुश्मन के बंकर और काफिलों के लिए आफत
  3. AGM-114 Hellfire मिसाइलें – टैंक और भारी वाहनों का काल
  4. Stinger मिसाइलें – हवा से हवा में वार करने की क्षमता, यानी दुश्मन के UAV और हेलिकॉप्टर तक बच नहीं पाएंगे.

रात में भी शिकारी, अंधेरे में भी अपराजेय

Apache को रात का शिकारी यूं ही नहीं कहा जाता. इसका AN/APG-78 Longbow रडार, जो हेलिकॉप्टर के ऊपर लगे मास्ट पर होता है, 128 ग्राउंड टारगेट्स को एक साथ ट्रैक कर सकता है और 16 टारगेट्स को एक साथ तबाह कर सकता है.

और मजेदार बात ये है कि यह हेलिकॉप्टर दुश्मन को देख सकता है, लेकिन खुद छुपा रहता है। मतलब ये कि दुश्मन को तब तक पता नहीं चलता जब तक मौत उसके सिर पर नहीं आ जाती.

अब नेटवर्क वॉरियर भी

इन Apaches को सिर्फ उड़ा कर गोली मारना ही नहीं आता, ये ड्रोन से लाइव फीड लेकर रियल टाइम युद्ध रणनीति बना सकते हैं. यानी Apache अब सिर्फ एक हथियार नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता वार रूम है.

IAF से सीख, Army में एक्शन

Air Force के पास पहले से ही दो स्क्वाड्रन पठानकोट और जोरहाट में हैं, जो कि चीन के मोर्चों को देखते हैं। अब Army ने भी अपना पहला बैच ले लिया है और ये पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात होंगे. यानी पश्चिमी सीमा पर अब 'काटो' का दौर आने वाला है.

Operation Sindoor के बाद Apache का आना महज एक इत्तेफाक नहीं, संदेश है. कुछ हफ्ते पहले ही Operation Sindoor में भारतीय सेना ने अपनी जवाबी क्षमता दिखाई थी और अब Apache का आना सीधे तौर पर ये संकेत देता है कि भारत अब लड़ाई सिर्फ जमीन पर नहीं, आसमान में भी दबदबे से करेगा.

मजबूत बदन, लोहा का दिल

Apache में हैं:

  • आर्मर्ड कॉकपिट – पायलट का बचाव सुनिश्चित
  • क्रैश रेसिस्टेंट सिस्टम्स – मिशन के बीच नुकसान भी झेल सकता है
  • हर्डनड रोटर्स – गोलियां खा जाएं, लेकिन उड़ना न छोड़ें

सिर्फ 6 क्यों? 18 तो पक्के हैं!

अभी भारतीय सेना ने 6 Apache का ऑर्डर दिया है, लेकिन डिफेंस सूत्रों के मुताबिक ये संख्या जल्द ही 18 या उससे भी ज्यादा होने वाली है.

ये भी देखिए: ब्रह्मपुत्र पर चीन का डैम या डिजास्टर? हिमंता-खांडू के बयान से खुली दो अलग-अलग चिंताएं