अगर बैंक ही हो जाए बैंकरप्ट, तो कितना मिलेगा आपको पैसा? जानिए क्या कहता है RBI का नियम-कानून
RBI की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक देश के 97.6% बैंक खाते बीमित हैं, यानी बैंक डूबने पर भी ज्यादातर खाताधारकों का पैसा सुरक्षित है. हालांकि एक बैंक में केवल 5 लाख रुपये तक ही बीमा मिलता है, इससे ज्यादा रकम जोखिम में रह सकती है. बड़ी जमा राशि को अलग-अलग बैंकों में बांटना सुरक्षित और समझदारी भरा कदम माना जा रहा है.
RBI Rule: सोचिए, अगर कल सुबह आपको पता चले कि जिस बैंक में आपकी सालों की मेहनत की कमाई जमा है, वह दिवालिया हो गया है, तो आपकी पहली चिंता क्या होगी? जाहिर है - क्या मेरा पैसा सुरक्षित है? इसी सवाल का जवाब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में दिया है, जो राहत भी देती है और सतर्क भी करती है.
97.6% बैंक खाते बीमित, ज्यादातर खाताधारकों को राहत
RBI की सब्सिडियरी संस्था डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के मुताबिक मार्च 2025 तक देश के करीब 97.6% बैंक खाते बीमित (Insured) हैं. इसका सीधा मतलब यह है कि अगर कोई बैंक डूब भी जाता है, तो देश के अधिकांश खाताधारकों को उनका पैसा वापस मिलने की गारंटी रहती है. यह बीमा व्यवस्था खासतौर पर छोटे और मिडिल क्लास जमाकर्ताओं के लिए बड़ी राहत है.
5 लाख रुपये तक मिलता है बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस
RBI के मौजूदा नियमों के अनुसार, हर खाताधारक को एक बैंक में अधिकतम 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है. इसमें केवल सेविंग अकाउंट ही नहीं, बल्कि एफडी, आरडी और करंट अकाउंट भी शामिल होते हैं.
हालांकि यहां एक अहम बात समझना जरूरी है. यह 5 लाख रुपये की सीमा प्रति बैंक होती है, न कि प्रति अकाउंट. अगर आपके एक ही बैंक में कुल 10 लाख रुपये जमा हैं और बैंक दिवालिया हो जाता है, तो आपको केवल 5 लाख रुपये ही मिलेंगे. बाकी रकम बीमा के दायरे में नहीं आती.
अकाउंट ज्यादा सुरक्षित, लेकिन पूरा पैसा नहीं
RBI की रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला आंकड़ा भी सामने आया है. भले ही 97.6% खाते बीमित हों, लेकिन अगर कुल जमा राशि की बात करें, तो उसमें से सिर्फ 41.5% पैसा ही पूरी तरह सुरक्षित है.
इसका मतलब साफ है कि छोटे खाताधारकों का पैसा तो लगभग सुरक्षित है, लेकिन जिन लोगों के खातों में बड़ी रकम जमा है, उनका एक बड़ा हिस्सा जोखिम में रह सकता है.
DICGC का फंड मजबूत, संकट से निपटने की पूरी तैयारी
अच्छी खबर यह है कि DICGC का इंश्योरेंस फंड 15.2% बढ़कर 2.29 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. यह फंड किसी भी संभावित बैंकिंग संकट से निपटने के लिए काफी मजबूत माना जा रहा है.
इसके अलावा, RBI ने दिसंबर 2025 से रिस्क बेस्ड डिपॉजिट इंश्योरेंस फ्रेमवर्क को भी मंजूरी दे दी है. इस नए सिस्टम के तहत बैंकों के जोखिम के हिसाब से बीमा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, जिससे भविष्य में बैंकिंग सिस्टम ज्यादा सुरक्षित बनेगा.
बड़े अमाउंट को एक बैंक में रखना कितना सही?
RBI भले ही जमाकर्ताओं की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रहा हो, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो बड़ी रकम को एक ही बैंक में रखना समझदारी नहीं है. बेहतर यही है कि अपनी जमा राशि को अलग-अलग बैंकों में बांटकर रखें, ताकि हर बैंक में आपको 5 लाख रुपये तक का बीमा लाभ मिल सके.
भरोसा भी जरूरी, समझदारी भी
देश का रिजर्व बैंक आपके पैसों की सुरक्षा के लिए हर समय चौकस है और मौजूदा सिस्टम छोटे जमाकर्ताओं को काफी हद तक सुरक्षित बनाता है. लेकिन अगर आपकी जमा राशि ज्यादा है, तो थोड़ी समझदारी और सही प्लानिंग आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है.
याद रखिए कि बैंक पर भरोसा जरूरी है, लेकिन अपने पैसे को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी आपकी भी है.
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