BREAKING:
अभी खत्म नहीं होगी ईरान जंग, अगले 2-3 हफ्ते करेंगे जोरदार हमले... ट्रंप ने अपने संबोधन में क्या क्या कहा? | 10 POINTS       All is well! भारत में फिर से नहीं लगेगा लॉकडाउन, LPG संकट के बीच मंत्री हरदीप पुरी ने बताया पूरा सच       US-इज़राइल-ईरान तनाव के बीच सरकार ने ₹10 प्रति लीटर घटाई एक्साइज ड्यूटी, जानिए कितना सस्ता होगा ₹10 प्रति लीटर       AI के दम पर आगे बढ़ेगा Microsoft, HR से लेकर वर्क कल्चर तक बदलाव, क्या है कंपनी की मास्टर प्लान?       ईरान की दरियादिली! इन दोस्त देशों के जहाजों को Strait of Hormuz मिली एंट्री, क्या भारत भी है इसमें शामिल?       LPG खत्म, अब 3 महीने में लेना होगा PNG कनेक्शन! भारत में बदल जाएगी रसोई गैस की पूरी व्यवस्था | 5 Points में समझिए पूरी कहानी       ईरान ने अमेरिका को दिया अरबों का 'तोहफा'! क्या ये Strait of Hormuz है? ट्रम्प के दावे से ग्लोबल मार्केट हिला       क्या आप घर किराए पर ले रहे हैं? किराएदार और मकान मालिक दोनों जान लें पहले ये ज़रूरी नियम       सिर्फ 43 किमी फेंसिंग, 1600 किमी बॉर्डर पर खतरा, भारत-म्यांमार बॉर्डर पर घुसपैठ, ड्रोन और उग्रवाद का कनेक्शन!       58 महिलाएं, काला खेल, हिडेन कैमरा और फिर समाधान के बहाने... नासिक का ढोंगी ज्योतिषी और उसका 'डार्क' फार्महाउस      

'हिंदू ही भारत के उत्तराधिकारी हैं', पश्चिम बंगाल में RSS चीफ मोहन भागवत का बड़ा एलान | VIDEO

Mohan Bhagwat in West Bengal: पश्चिम बंगाल के 10 दिवसीय दौरे पर आए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने राज्य के विभिन्न शहरों में संघ द्वारा आयोजित कई विचार-मंथन सत्रों में भाग लिया है. यहां उन्होंने कहा कि हिंदू ही भारत के उत्तराधिकारी हैं.

Mohan Bhagwat in West Bengal: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) चीफ मोहन भागवत ने रविवार को पश्चिम बंगाल के बर्धमान में आरएसएस पदाधिकारियों के सम्मेलन में भाग लिया. इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोग अक्सर पूछते हैं कि सिर्फ़ हिंदू संगठनों पर ही इतना ध्यान क्यों दिया जाता है, तो मेरा जवाब है कि देश का ज़िम्मेदार समाज हिंदू समाज है. हम हिंदुओं को एकजुट करना चाहते हैं क्योंकि भारत के उत्तराधिकारी हिंदू ही हैं.

संघ प्रमुख ने कहा, 'आज कोई विशेष कार्यक्रम नहीं है. संघ से अनजान लोगों के मन में एक सवाल उठता है. अगर हमें यह जवाब देना है कि संघ क्या चाहता है तो मैं कहूंगा कि यह संघ हिंदू समाज को संगठित करना चाहता है क्योंकि देश का जिम्मेदार समाज हिंदू समाज है.'

'हिंदू दुनिया की विविधता को स्वीकार कर जीते'

उन्होंने कहा, 'भारत की एक प्रकृति है. वे उन सभी विशेषताओं के साथ नहीं रह सकते थे, इसलिए उन्होंने एक अलग देश बना लिया. हिंदू दुनिया की विविधता को स्वीकार करके जीते हैं. हम आजकल विविधता में एकता कहते हैं और हिंदू समझते हैं कि विविधता में एकता है.'

मोहन भागवत ने कहा कि भारत में कोई भी सम्राटों और महाराजाओं को याद नहीं करता, बल्कि एक राजा को याद करता है जो अपने पिता के वचन के लिए 14 साल के वनवास पर चला गया, जिसने अपने भाई की पादुकाएं रख लीं और लौटने पर राज्य अपने भाई को दे दिया.'

उन्होंने कहा, 'ये विशेषताएं भारत को परिभाषित करती हैं, जो इन विशेषताओं का पालन करते हैं वे हिंदू हैं, जो पूरे देश की विविधता को एक साथ रखते हैं' जो चीजें किसी को चोट पहुंचाती हैं, हम नहीं करेंगे. शासक, प्रशासक और महापुरुष अपना काम करते हैं. समाज को देश का काम करने के लिए आगे आना होगा.'

ये भी देखिए: बैंक अकाउंट होल्डर की मृत्यु के बाद पैसा कैसे निकलेगा, अगर कोई नॉमिनी नहीं तो बैलेंस का क्या होगा? जानिए पूरी डिटेल्स