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आतंक फंडिंग और अरेस्ट वारंट का डर! कैसे ठगों ने पहलगाम अटैक के नाम पर महिला से उड़ाए ₹43 लाख

नोएडा में 76 वर्षीय महिला के साथ बड़ा ऑनलाइन फ्रॉड हुआ. साइबर ठगों ने उन्हें आतंक फंडिंग और अरेस्ट वारंट का डर दिखाकर 43 लाख रुपये ऐंठ लिए. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि बुजुर्ग महिला सदमे में हैं.

Noida Fraud News 2025: नोएडा से एक चौंकाने वाली वारदात सामने आई है, जहां 76 वर्षीय बुजुर्ग महिला को साइबर ठगों ने आतंक फंडिंग का डर दिखाकर 43 लाख रुपये से ज्यादा की चपत लगा दी. यह मामला न सिर्फ डिजिटल फ्रॉड की पोल खोलता है, बल्कि बताता है कि किस तरह ठग मासूम और बुजुर्ग लोगों को निशाना बना रहे हैं.

फोन कॉल से शुरू हुआ खौफ

सेक्टर-41 की रहने वाली सरला देवी को जुलाई में एक फोन कॉल आया. कॉलर ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और कहा कि उनकी डिटेल्स का इस्तेमाल मुंबई में बैंक अकाउंट खोलने के लिए किया गया है. यही अकाउंट्स आतंक फंडिंग, हवाला और जुए जैसे गैरकानूनी कामों में उपयोग किए जा रहे हैं.

यही नहीं, कॉलर ने तो यहां तक कह दिया कि उनका मोबाइल नंबर भी अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले में इस्तेमाल हुआ है, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की मौत हुई थी. यह सुनते ही बुजुर्ग महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई.

'अरेस्ट वारंट' का डर और ठगी की चाल

ठगों ने महिला को धमकाया कि उनके नाम पर अरेस्ट वारंट जारी हो चुका है. गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्हें तुरंत सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होगा. पैसे जांच पूरी होने के बाद लौटा दिए जाएंगे.

घबराई महिला ने जुलाई 20 से अगस्त 13 के बीच आठ बार पेमेंट किए. कभी QR कोड भेजा गया, कभी नए अकाउंट्स दिए गए. पहली ट्रांजैक्शन 70 हजार की थी, तो सबसे बड़ी रकम 11 लाख की.

किस-किसके अकाउंट में गई रकम

पुलिस जांच में सामने आया कि पैसे Varinder Pal Singh, Madan Kumar, Manju General Store और Ashapura Tea Stall जैसे नामों के अकाउंट्स में भेजे गए.

15 लाख की मांग पर टूटा भ्रम

ठगों ने एक बार तो 15 लाख की नई मांग रख दी और चेतावनी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो महिला को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. इसी बीच, महिला को शक हुआ और उन्होंने एक वकील से सलाह ली. वहीं खुलासा हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुकी हैं.

पुलिस में शिकायत, बुजुर्ग आहत

महिला ने तुरंत पेमेंट रोक दिए और नोएडा पुलिस की साइबरक्राइम विंग में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि बुजुर्ग महिला बुरी तरह सदमे में हैं और उन्होंने मांग की है कि उनका पैसा वापस दिलाया जाए और ठगों को कड़ी से कड़ी सजा मिले.

बुजुर्ग बन रहे आसान शिकार

पुलिस का कहना है कि ऐसे डिजिटल फ्रॉड्स, जिन्हें डिजिटल अरेस्ट स्कैम कहा जाता है, तेजी से बढ़ रहे हैं. खासकर बुजुर्ग लोग, जो तकनीक में ज्यादा माहिर नहीं होते, ठगों का आसान शिकार बन रहे हैं. डर और दबाव डालकर उनसे जीवनभर की जमा पूंजी छीनी जा रही है.

यह खबर डिजिटल ठगी के खतरनाक ट्रेंड को उजागर करती है. अगर कोई फोन कॉल आपको पुलिस, कोर्ट या एजेंसियों के नाम पर धमकाए और पैसे मांगे, तो सावधान रहें. असली एजेंसियां कभी फोन पर पैसे जमा करने को नहीं कहतीं.

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