BREAKING:
दुनिया हथियार बेचने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश भारत, जानिए सैन्य ताकत के लिए कितना करता है खर्च       विधायक से लेकर सांसद तक! ताश के पत्तों की तरह बिखर रही ममता सेना, TMC राजनीतिक संकट पर ताजा UPDATE       Airbus A380 पैसेंजर प्लेन की कहानी किसी इंजीनियरिंग चमत्कार से कम नहीं, जानिए क्यों कहलाता है 'King of the Skies'       Sriram Krishnan कौन हैं, जिन्होंने ट्रंप को दिया झटका? व्हाइट हाउस छोड़ने का किया एलान       सरकार गई, अब TMC पार्टी बचाने में लगी Mamata Banerjee! 'दिल्ली चलो आंदोलन' कितना होगा सफल?       9,49,50,50,00,00,000 रुपये के मालिक हैं Elon Musk, जानिए इतने पैसे में क्या-क्या खरीद सकते हैं       शरीर में आयरन की है कमी? आज से खाएं ये 6 सुपरफूड्स, जो बना देंगे आपको Iron Man       'क्वाइट क्रैकिंग' क्या है, आजकल इतने सारे माता-पिता क्यों परेशान और दबाव में महसूस कर रहे हैं?       'हम सिर्फ पड़ोसी नहीं, एक ही नदियों के बच्चे हैं', भारत दौरे पर नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खानाल ने क्यों कही ये बात?       13 साल की उम्र में भी IPL नीलमी से क्यों खुश नहीं हैं Vaibhav Sooryavanshi? कर दिया बड़ा खुलासा      

'डील चाहिए… पर किसानों की कीमत पर नहीं', अमेरिका को भारत का दो टूक जवाब, जानिए वित्त मंत्री ने क्या कुछ कहा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत अमेरिका के साथ बड़ी शानदार और सुंदर डील चाहता है, लेकिन कुछ रेड लाइन्स तय हैं, खासकर कृषि और डेयरी जैसे सेक्टरों में.

India US Trade Deal: जैसे-जैसे 9 जुलाई की डेडलाइन नजदीक आ रही है, जिस दिन अमेरिका द्वारा भारत पर पेनल्टी टैरिफ लगाए जा सकते हैं. भारत सरकार की कूटनीतिक चालें और भी तेज होती जा रही हैं.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ कर दिया है कि अमेरिका से बड़ा व्यापारिक समझौता करना भारत के विकास लक्ष्य के लिए जरूरी है, लेकिन इस डील की कोई भी शर्त देश के किसानों और पशुपालकों के हितों के खिलाफ नहीं होगी.

'किसानों से कोई समझौता नहीं'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद कि भारत के साथ एक इंटरिम ट्रेड डील जल्द ही हो सकती है, जिस से अमेरिकी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार के दरवाज़े खुल जाएंगे. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, 'हां, हम भी एक बड़ा, अच्छा, शानदार समझौता चाहते हैं… क्यों नहीं? लेकिन हमारी कुछ रेखाएं भी हैं, खासतौर पर कृषि और डेयरी सेक्टर में.'

उन्होंने कहा कि भारत विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है और ऐसे में अमेरिका जैसे ताकतवर देशों के साथ व्यापारिक समझौते बेहद जरूरी हैं.

निजी निवेश में अब आ रहा है उबाल

वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 6 महीनों में निजी क्षेत्र में निवेश और क्षमता विस्तार के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं. उन्होंने कहा, 'कंपनियों के पास नकदी है और अब वह सिर्फ बैंकों में सो नहीं रही, निवेश की ओर भी रुख हो रहा है.'

शहरी स्लोडाउन पर भी सरकार की नजर

शहरी बाजार में मांग कम होने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अप्रैल से ही टैक्स राहतों के बाद उपभोक्ताओं की भावनाएं फिर से पॉजिटिव हुई हैं.

दूसरे दौर की बड़ी आर्थिक रिफॉर्म्स जल्द

निर्मला सीतारमण ने संकेत दिए कि बैंकिंग सुधारों से लेकर न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में निजी निवेश को बढ़ावा देने तक कई नए कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि GST दरों में संभावित कटौती पर गंभीरता से काम चल रहा है.

उन्होंने कहा, 'हम एक बेहद सरल और पालन करने में आसान GST सिस्टम की दिशा में बढ़ रहे हैं. उम्मीद है कि औसत दरें कम होंगी, जिससे मांग बढ़ेगी.'

लेबर कोड, GST रेट और निवेश के नए रास्ते

  • लेबर कोड्स पर वापसी नहीं होगी, राज्य इन्हें तेजी से अपना रहे हैं.
  • नए GST ढांचे में रेट्स और स्लैब्स की समीक्षा की जाएगी.
  • एक्सपोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए राज्यों और स्थानीय करों के बोझ को कम किया जाएगा.

बैंकों को CASA पर काम करना होगा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों के घटते CASA (करंट एंड सेविंग अकाउंट) रेट पर चिंता जताई और कहा कि सस्ता कैपिटल जुटाना अब चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है क्योंकि खुदरा निवेशक शेयर बाजार में ज्यादा पैसा लगा रहे हैं.

न्यूक्लियर एनर्जी में बड़ी छलांग

भारत में छोटे और मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टर्स की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. कानूनों में बदलाव कर इसके लिए रास्ता बनाया जाएगा.

क्या मतलब है इस सबका?

इस इंटरव्यू से साफ है कि भारत अब वैश्विक मंच पर Yes Boss वाला रुख छोड़ चुका है. अमेरिका के साथ सौदे की बात हो या जीएसटी को सरल बनाने की, सरकार स्पष्ट है — समझौते भी होंगे, सुधार भी, लेकिन भारतीय हितों की कीमत पर कुछ नहीं होगा.

ये भी देखिए: प्लेटें खिसक रहीं, समुद्र बन रहा! कैसे दो भागो में बंट रहा अफ्रीका? पृथ्वी का बदल जाएगा नक्शा