PF खाताधारकों के लिए खुशखबरी! EPFO 3.0 में बदले PF निकासी के 10 बड़े नियम
EPFO ने EPFO 3.0 सिस्टम के तहत PF से आंशिक निकासी के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं. अब बेरोजगारी, इलाज, पढ़ाई, शादी और घर से जुड़े मामलों में PF निकालना ज्यादा आसान और डिजिटल हो गया है. नए नियमों का मकसद कर्मचारियों को अधिक सुविधा, पारदर्शिता और वित्तीय सुरक्षा देना है.
EPFO 3.0 Updates 2025: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने नए EPFO 3.0 सिस्टम के तहत PF (Provident Fund) से आंशिक निकासी के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं. इन बदलावों का मकसद PF सदस्यों को ज्यादा सुविधा, पारदर्शिता और एक समान नियम देना है. इस संशोधन का फैसला 13 अक्टूबर को हुई EPFO की सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने की.
नए नियमों के बाद PF से पैसा निकालना पहले के मुकाबले ज्यादा आसान और डिजिटल हो गया है. अब PF निकासी UMANG ऐप के जरिए ऑनलाइन भी की जा सकती है.
1. बेरोजगारी की स्थिति में PF निकासी के नए नियम
पहले नियमों के तहत अगर कोई सदस्य एक महीने तक बेरोजगार रहता था, तो वह अपने EPF बैलेंस का 75% निकाल सकता था और दो महीने बाद बाकी 25% निकालने की अनुमति मिलती थी. अब EPFO 3.0 के तहत सदस्य बेरोजगार होते ही 75% रकम तुरंत निकाल सकता है, जबकि पूरी राशि निकालने के लिए 12 महीने की लगातार बेरोजगारी जरूरी होगी.
2. नौकरी छूटने के बाद पेंशन निकासी में बदलाव
पहले दो महीने की बेरोजगारी के बाद पेंशन निकासी की अनुमति थी. अब नए नियमों के मुताबिक पेंशन की राशि 36 महीने (3 साल) बाद ही निकाली जा सकेगी, जिससे पेंशन फंड को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है.
3. लॉकडाउन, तालाबंदी या कंपनी बंद होने पर निकासी
पहले इस स्थिति में निकासी कर्मचारी के योगदान तक सीमित थी. अब EPFO 3.0 के तहत EPF कॉर्पस का 75% निकाला जा सकता है, जबकि 25% राशि खाते में रखना अनिवार्य होगा.
4. महामारी या महामारी जैसी स्थिति में निकासी
पहले EPF सदस्य तीन महीने का बेसिक वेतन और DA या 75% बैलेंस (जो कम हो) निकाल सकता था. नए नियमों में यह व्यवस्था बरकरार रखी गई है, लेकिन इसे मानकीकृत सेवा अवधि नियमों के साथ जोड़ा गया है.
5. प्राकृतिक आपदा के समय PF निकासी
पहले प्राकृतिक आपदा में निकासी की सीमा ₹5,000 या कर्मचारी के योगदान का 50% (जो कम हो) थी. अब सभी तरह की आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 12 महीने तय कर दी गई है.
6. मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए निकासी
खुद या परिवार के इलाज के लिए पहले छह महीने का वेतन या कर्मचारी का योगदान निकाला जा सकता था. यह नियम अब भी जारी है, लेकिन यह भी 12 महीने की न्यूनतम सेवा शर्त के अंतर्गत आएगा.
7. पढ़ाई और शादी के लिए PF निकासी में राहत
पहले शिक्षा के लिए 7 साल की सेवा के बाद 50% योगदान तीन बार और शादी के लिए दो बार निकासी की अनुमति थी. अब शिक्षा के लिए 10 बार और शादी के लिए 5 बार निकासी की अनुमति दे दी गई है, जो बड़ी राहत मानी जा रही है.
8. घर खरीदने या निर्माण के लिए नियमों में बदलाव
पहले घर खरीदने या निर्माण के लिए 24 से 36 महीने की सेवा जरूरी थी. अब नए नियमों में इसे घटाकर 12 महीने की न्यूनतम सेवा अवधि कर दिया गया है.
9. घर में सुधार या बदलाव के लिए निकासी
घर की मरम्मत या सुधार के लिए 12 महीने का वेतन या कर्मचारी का योगदान (जो कम हो) निकाला जा सकता है. यह नियम पहले जैसा ही रखा गया है, लेकिन अब प्रक्रिया ज्यादा सरल और डिजिटल होगी.
10. हाउसिंग लोन चुकाने के लिए निकासी
पहले 36 महीने के वेतन या कुल बैलेंस या बकाया लोन (जो कम हो) की सीमा थी. EPFO 3.0 में यह नियम बरकरार है, लेकिन डिजिटल प्रोसेसिंग से मंजूरी तेज होगी.
EPFO 3.0 से क्या फायदा होगा?
नए नियमों से EPF सदस्य अपनी जरूरत के अनुसार आसानी से पैसा निकाल सकेंगे। साथ ही, डिजिटल सिस्टम से फर्जीवाड़े में कमी आएगी और प्रक्रिया ज्यादा तेज व पारदर्शी बनेगी. EPFO 3.0 को कर्मचारियों की बदलती जरूरतों के हिसाब से एक बड़ा सुधार माना जा रहा है.
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