दुकानों में आग, लाठीचार्ज-आंसू गैस और इंटरनेट बंद... असम में कार्बी में भड़की हिंसा, 8 लोग और 48 पुलिसकर्मी घायल
असम के कार्बी आंगलोंग और वेस्ट कार्बी आंगलोंग में बेदखली को लेकर हुई हिंसा के बाद हालात बेकाबू हो गए. दो गुटों की झड़प में कई लोग घायल हुए, जबकि 48 पुलिसकर्मी भी चोटिल बताए जा रहे हैं. स्थिति को संभालने के लिए राज्य सरकार ने इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं.
Assam Karbi Anglong violence: असम के कार्बी आंगलोंग और वेस्ट कार्बी आंगलोंग जिलों में बेदखली (इविक्शन) को लेकर दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद हालात बिगड़ गए हैं. स्थिति को काबू में रखने के लिए राज्य सरकार ने मंगलवार को दोनों जिलों में अस्थायी रूप से इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं. झड़पों में कम से कम आठ लोग घायल हुए हैं, जबकि हालात संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागने पड़े.
क्यों बंद किया गया इंटरनेट
गृह एवं राजनीतिक विभाग की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के हित में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है. सरकार को आशंका है कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के जरिए अफवाहें और भड़काऊ संदेश फैल सकते हैं, जिससे हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं.
आदेश में साफ किया गया है कि यह निलंबन अगले आदेश तक लागू रहेगा. हालांकि, इस दौरान वॉयस कॉल और फिक्स्ड टेलीफोन लाइनों पर आधारित ब्रॉडबैंड सेवाएं चालू रहेंगी.
हिंसा में 48 पुलिसकर्मी घायल
असम के डीजीपी हरमीत सिंह ने बताया कि हिंसा के दौरान हालात काफी गंभीर हो गए थे. उन्होंने कहा, 'सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रही है और बातचीत के लिए एक तारीख तय की गई है. उपद्रवियों ने दुकानों में आगजनी की है और अब तक 48 पुलिसकर्मी घायल हो चुके हैं.'
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि दोनों जिलों के जिला मजिस्ट्रेट्स से गंभीर कानून-व्यवस्था की रिपोर्ट मिली है और सार्वजनिक शांति भंग होने का खतरा बना हुआ है.
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का बयान
इस पूरे मामले पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि कार्बी आंगलोंग की स्थिति बेहद संवेदनशील है. उन्होंने बताया कि वरिष्ठ मंत्री रनोंज पेगू मौके पर मौजूद हैं और सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि बातचीत के जरिए जल्द ही समाधान निकाल लिया जाएगा.
अफवाहों पर रोक लगाने की कोशिश
आदेश में यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया के जरिए भ्रामक और उकसाने वाले संदेश फैलने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. सरकार ने चेतावनी दी है कि इंटरनेट बंदी के आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता हालात को पूरी तरह काबू में करना और शांति बहाल करना है. सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत से स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है.
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