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Cyclone Remal: रेमल ने बाढ़ बनकर मणिपुर में बरपाया कहर, संकट के बीच राजकीय अवकाश घोषित

चक्रवाती तूफान रेमल ने मणिपुर को संकट में डाल दिया है. राज्य में बाढ़ ने जननीवन अस्त व्यस्त कर दिया है. राज्य में राजकीय अवकाश घोषित किया गया है.

चक्रवाती तूफान रेमल के कारण लगातार बारिश हो रही है, जिससे मणिपुर में बाढ़ आ गई है. एक अधिकारी ने बताया कि इसके कारण राज्य सरकार ने सक्रिय बचाव और राहत अभियान शुरू कर दिया है.

भारतीय सेना के एक अधिकारी ने बताया कि मणिपुर के प्रभावित इलाकों से अब तक 4,000 से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर बचाया जा चुका है, जिनमें 1,500 से अधिक महिलाएं और 800 बच्चे हैं.

नदी के किनारे बांध में आए दरारों के कारण आई भीषण बाढ़ के कारण सरकार ने 31 मई तक सभी राज्य कार्यालयों के लिए दो दिनों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है.

बाढ़ ग्रस्त इलाकों में राहत कार्य जारी है. वहीं लोगों को पैकेट का खाना उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके आलावा पीने के पानी की भी व्यवस्था की जा रही है.

अधिकारी ने कहा कि सेना की चिकित्सा टीमों ने कुल 102 व्यक्तियों का उपचार किया, जिनमें 23 पुरुष, 55 महिलाएं और 24 बच्चे शामिल थे. बाढ़ के कारण खेती की पूरी जमीन जलमग्न हो चुकी है.

इंफाल ईस्ट और इंफाल वेस्ट जिलें बुरी तरह से बाढ़ से प्रभावित हैं, जहां बचाओ का काम लगातर जारी है. वहीं, बिष्णुपुर जिले के थांगा के मछुआरे बाढ़ से प्रभावित लोगों को निकालने के लिए लोकतक विकास प्राधिकरण (एलडीए) की मदद करने के लिए डोंगियों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसी तरह के प्रयास अन्य स्थानों पर भी हो रहे हैं. 

मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा, 'थांगा के मछुआरे फंसे हुए लोगों को बचाने में एलडीए टीम के साथ हाथ मिला रहे हैं। मैं इस समय उनके नेक काम की सराहना करता हूं.' 

भारी बारिश के कारण तामेंगलोंग जिले में भूस्खलन भी हुआ, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग-37 इंफाल-सिलचर मार्ग प्रभावित हुआ. इसके अलावा, इंफाल पश्चिम जिले के समूरू में नम्बुल नदी का तटबंध टूट गया, जिससे वांगोई निर्वाचन क्षेत्र में बाढ़ आ गई.

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