BREAKING:
PM Kisan 22nd Installment 2026: 9.32 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचे 2-2 हजार रुपये, ऐसे चेक करें पैसे आए या नहीं       साइलेंट स्लीप एपिडेमिक क्या है, जो भारत में 45% लोगों की निंद उड़ा रहा?       भारतीय टैंकरों को Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरने की अनुमति, जयशंकर की कूटनीति लाई रंग       Aaj Ka Rashifal 26 February 2026: आर्द्रा नक्षत्र का असर, किस राशि पर कितना भारी पड़ेगा आज का दिन?       कितना ताकतवर है HAMMER मिसाइल, जो राफेल की बनेगी नई ताकत? Modi-Macron मुलाकात में डिफेंस डील का धमाका       India AI Summit 2026: क्या यही है भारत की टेक सुपरपावर बनने की शुरुआत? ग्लोबल रेस में बढ़त बनाने की तैयारी | 10 POINTS       AI के डर से डगमगाया भारतीय IT सेक्टर, एक हफ्ते में ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा की संपत्ति साफ       IND vs PAK मैच के दौरान रैपर 'हनुमानकाइंड' ने नहीं गाया धुरंधर का टाइटल ट्रैक, छिड़ी बहस के बीच सिंगर हो रहे ट्रोल       Weekly Horoscope, 16-February to 22-February-2026: ग्रहों का बड़ा संकेत, जानिए आपका साप्ताहिक भविष्यफल       Aaj Ka Rashifal 11 February 2026: करियर और रिश्तों में संतुलन बनाएंगे तो चमकेगी किस्मत, पढ़े आज का राशिफल      

सोना, चांदी या जमीन नहीं! आने वाले 5-10 सालों में ये होगी सबसे महंगी चीज, इस अरबपति ने रिसर्च के साथ किया खुलासा

Most Valuable Thing: Zerodha के को-फाउंडर निखिल कामत का मानना है कि भविष्य में सोना, चांदी, ज़मीन या कैश से ज्यादा अहमियत बिजली और एनर्जी की होगी. बढ़ते डेटा सेंटर्स और AI टेक्नोलॉजी की वजह से बिजली की डिमांड इतनी बढ़ेगी कि ऊर्जा को भी करेंसी या एसेट की तरह ट्रेड किया जाएगा. भविष्य में 'एनर्जी टोकन' जैसी चीजें आ सकती हैं, जिससे बिजली भी डिजिटल करेंसी की तरह खरीदी-बेची जा सकेगी.

Most Valuable Thing: आज के ज़माने में लोग क्या इकट्ठा करते हैं? सोना, चांदी, ज़मीन-जायदाद, जेवर या डॉलर? Zerodha के को-फाउंडर निखिल कामत कहते हैं – भाई लोग, इस सबको छोड़ो! असली चीज़ तो आने वाले दिनों में 'इलेक्ट्रॉन' और 'ऊर्जा' यानी बिजली होगी. सुनने में अजीब लग रहा है ना? पर उनके पास इसके पीछे तगड़ी रिसर्च है. 

कैसे? चलिए कहानी समझते हैं...

जब भी आप Netflix पर फिल्म देखते हो या Google पर कुछ सर्च करते हो, आपका डाटा एक 'Data Centre' नाम की जगह जाता है. वहीं सारा काम होता है. पर क्या पता है, हर नया Data Centre सालभर में उतनी बिजली खा जाता है जितनी 4 लाख इलेक्ट्रिक गाड़ियां मिलकर भी नहीं पीतीं!

Data Centres के कुल खर्च का 65% हिस्सा सिर्फ बिजली के बिल में उड़ जाता है – कंप्यूटर चलाने और ठंडा रखने में.

पूरी दुनिया में अमेरिका के पास सबसे ज्यादा 3680 Data Centres हैं। जर्मनी (424) और UK (418) दूसरे-तीसरे नंबर पर हैं. भारत भी पीछे नहीं – सातवें नंबर पर है 262 Data Centres के साथ.

और जितने ज्यादा Server, उतनी ज्यादा बिजली की भूख. रिसर्च कहती है कि 2030 तक ये Data Centres पूरी दुनिया की 10% बिजली अकेले खा जाएंगे.

तो जरा सोचिए!

AI भी कोई कम बिजली नहीं उड़ाता...

रिसर्च कहती है – अगर पूरी दुनिया में 5% सर्च भी AI से हो जाएं, तो उतनी बिजली लगेगी जितनी 10 लाख भारतीय घरों को सालभर रोशनी देने में लगती है.

OpenAI के Sam Altman का भी कहना है – यहां तक कि लोग AI से 'Please' या 'Thank You' बोलें तो भी उसका करोड़ों डॉलर का बिजली बिल बन जाता है!

बिजली मतलब नई करेंसी!

निखिल कामत कहते हैं – जब हर डिजिटल काम की जड़ बिजली है तो सोचो, कल को यही करेंसी बन जाए तो?

जैसे आज डॉलर-यूरो के दाम गिरने-चढ़ने से लोग Hedge करते हैं (जोखिम बचाते हैं), वैसे ही कल को कंपनियां बिजली के दाम Hedge करेंगी.

मतलब कल को हो सकता है Supermarket या Data Centre भी 'Kilowatt Hour' खरीदें-बेचें – जैसे आज Bitcoin या डॉलर की ट्रेडिंग होती है.

और शायद... Blockchain पर 'Energy Token' भी आ जाएं! तुम अपने बिजली के सिक्के Digital Wallet में रखोगे, जैसे आज UPI में पैसे रखते हो!

भविष्य की दौलत होगी 'ऊर्जा क्रेडिट'?

अगर ऐसा हुआ तो बैंकिंग सिस्टम, महंगाई का हिसाब, सब बदल जाएगा. कल को तुम्हारी दौलत पैसों से नहीं, बल्कि तुम्हारे Energy Credits से नापी जाएगी.

सोचिए, पड़ोसी बोले – भाई आपके पास कितने Kilowatt Hour जमा हैं? तब असली अमीर वो नहीं होगा जिसके पास सोना या जमीन है... बल्कि जिसके पास ज्यादा बिजली है!

ये भी देखिए: क्या सलीम खान अपनी दोनों पत्नियों के साथ खुश हैं? बेटे सलमान खान का जवाब सुन हंसी से हो जाएंगे लोटपोट