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गूगल (Google) ने StopNCII संगठन के साथ साझेदारी का ऐलान किया है, जिसके ज़रिए यूज़र्स इंटरनेट से अपनी बिना अनुमति वाली निजी तस्वीरें (NCII) हटवा सकेंगे. यह सिस्टम अगले कुछ महीनों में शुरू होगा. StopNCII की तकनीक तस्वीरों को एक हैश कोड में बदल देती है, जिसे पार्टनर प्लेटफॉर्म्स पहचानकर री-अपलोड को रोक देते हैं. इससे पीड़ितों को राहत मिलेगी और रीवेंज पोर्न जैसे मामलों पर लगाम लगेगी.

Google intimate image removal tool: इंटरनेट पर किसी की निजी तस्वीर या वीडियो का बिना अनुमति इस्तेमाल अब और मुश्किल हो जाएगा. गूगल (Google) ने घोषणा की है कि वह StopNCII नाम की संस्था के साथ साझेदारी कर रहा है, जो लोगों की मदद करती है ताकि उनकी नॉन-कंसेंशुअल इंटिमेट इमेजेज़ (NCII) यानी बिना सहमति वाली निजी तस्वीरें इंटरनेट से हटाई जा सकें.

गूगल का कहना है कि यह सिस्टम अगले कुछ महीनों में शुरू किया जाएगा. फिलहाल कंपनी इसकी टेस्टिंग कर रही है.

कैसे काम करेगा यह सिस्टम?

StopNCII का प्लेटफॉर्म एक खास तकनीक का इस्तेमाल करता है, जिसे Hash कहते हैं.

इसे आप एक यूनिवर्सल बारकोड की तरह समझ सकते हैं, जो हर इंटिमेट इमेज को एक यूनिक कोड में बदल देता है.

जब कोई यूज़र अपनी तस्वीर StopNCII पर अपलोड करता है, तो वह तस्वीर सीक्रेट डेटाबेस में कोडिफाइड हैश के रूप में बदल जाती है.

इस तस्वीर को प्लेटफॉर्म पर कोई और नहीं देख सकता, सिर्फ वही व्यक्ति जिसने अपलोड किया है.

यह हैश गूगल समेत सभी पार्टनर प्लेटफॉर्म्स को भेजा जाता है और जब भी कोई व्यक्ति उसी तस्वीर को फिर से अपलोड करने की कोशिश करता है, तो सिस्टम उसे पहचानकर ब्लॉक कर देता है.

किन-किन प्लेटफॉर्म्स से है साझेदारी?

StopNCII पहले से ही कई बड़े प्लेटफॉर्म्स के साथ काम कर रहा है, जिनमें शामिल हैं:

  • Facebook
  • Instagram
  • Reddit
  • OnlyFans
  • TikTok
  • Bumble
  • Microsoft Bing Search

अब Google भी इन प्लेटफॉर्म्स की लिस्ट में जुड़ गया है.

यूज़र्स कैसे कर सकते हैं शिकायत?

अगर किसी की निजी तस्वीर इंटरनेट पर वायरल हो रही है, तो वह खुद इसे हटवाने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है.

सबसे पहले यूज़र को stopncii.org/create-your-case पर जाना होगा.

यहां उस तस्वीर को अपलोड करना होगा, जिसे हटवाना है.

इसके बाद एक केस नंबर और पिन जेनरेट होगा.

इन्हें सुरक्षित रखना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि इन्हीं से केस की प्रगति ट्रैक की जा सकती है.

केस नंबर की मदद से कोई भी यूज़र अपना केस वापस भी ले सकता है.

अगर तस्वीर नाबालिगों की है, तो इसके लिए takeitdown.ncmec.com नाम का अलग प्लेटफॉर्म उपलब्ध है, जहां इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई जाती है.

गूगल क्यों था पीछे?

Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल इस पहल से जुड़ने वाला आखिरी बड़ा प्लेटफॉर्म है.

अप्रैल 2024 में ब्रिटेन की संसद की समिति ने गूगल से सवाल किया था कि वह क्यों शामिल नहीं हो रहा.

तब गूगल ने कहा था कि उसे डेटाबेस की इंटरऑपरेबिलिटी यानी अलग-अलग सिस्टम्स के बीच तालमेल को लेकर नीतिगत और तकनीकी चिंताएं हैं.

अब इन चिंताओं को दूर कर लिया गया है और गूगल ने बुधवार को लंदन में हुए NCII समिट में अपनी साझेदारी का ऐलान किया.

क्यों है यह कदम अहम?

इंटरनेट पर रीवेंज पोर्न और निजी तस्वीरों का दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा है.

कई बार पीड़ित लोग तस्वीरों को हटवाने की कोशिश में कानूनी और तकनीकी दिक्कतों से जूझते हैं.

StopNCII और गूगल की यह साझेदारी ऐसे लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगी.

अब तस्वीरें और वीडियो बार-बार अपलोड होने पर भी ऑटोमैटिकली रोके जा सकेंगे.

यह खबर इंटरनेट यूज़र्स की सुरक्षा और प्राइवेसी के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण है.

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