BREAKING:
Aaj Ka Rashifal 26 February 2026: आर्द्रा नक्षत्र का असर, किस राशि पर कितना भारी पड़ेगा आज का दिन?       कितना ताकतवर है HAMMER मिसाइल, जो राफेल की बनेगी नई ताकत? Modi-Macron मुलाकात में डिफेंस डील का धमाका       India AI Summit 2026: क्या यही है भारत की टेक सुपरपावर बनने की शुरुआत? ग्लोबल रेस में बढ़त बनाने की तैयारी | 10 POINTS       AI के डर से डगमगाया भारतीय IT सेक्टर, एक हफ्ते में ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा की संपत्ति साफ       IND vs PAK मैच के दौरान रैपर 'हनुमानकाइंड' ने नहीं गाया धुरंधर का टाइटल ट्रैक, छिड़ी बहस के बीच सिंगर हो रहे ट्रोल       Weekly Horoscope, 16-February to 22-February-2026: ग्रहों का बड़ा संकेत, जानिए आपका साप्ताहिक भविष्यफल       Aaj Ka Rashifal 11 February 2026: करियर और रिश्तों में संतुलन बनाएंगे तो चमकेगी किस्मत, पढ़े आज का राशिफल       Aaj Ka Rashifal 10 February 2026: चंद्रमा की कृपा से कई राशियों के लिए तरक्की के संकेत, कुछ को रहना होगा सतर्क       पाकिस्तान से कनेक्शन के आरोप लेकिन गिरफ्तारी नहीं! CM हिमंत ने बताया गौरव गोगोई को क्यों नहीं किया जा रहा अरेस्ट?       मलेशिया में चलेगा भारत का UPI! OCI से लेकर कांसुलेट तक... भारत–मलेशिया के बीच कई MoU साइन      

पाकिस्तान से कनेक्शन के आरोप लेकिन गिरफ्तारी नहीं! CM हिमंत ने बताया गौरव गोगोई को क्यों नहीं किया जा रहा अरेस्ट?

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी पत्नी के कथित पाकिस्तान कनेक्शन को लेकर बड़ा दावा किया है. राज्य कैबिनेट ने इस मामले को जांच के लिए गृह मंत्रालय (MHA) को सौंप दिया है. सरमा ने कहा कि राज्य सरकार ने कोई गिरफ्तारी नहीं की और अब पूरी कार्रवाई केंद्र के हाथ में है.

Himanta Biswa Sarma, Gaurav Gogoi: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिज़ाबेथ से जुड़े गंभीर आरोपों को दोहराते हुए बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि असम कैबिनेट ने इस पूरे मामले को जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को भेज दिया है. 

गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सरमा ने कहा कि उनकी सरकार ने अब तक न तो गोगोई से पूछताछ की है और न ही किसी गिरफ्तारी की कार्रवाई की है, क्योंकि ऐसा करने पर उन पर विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति करने का आरोप लगाया जा सकता है.

'संवैधानिक पद का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने नहीं की पूछताछ'

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौरव गोगोई लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता हैं और उनकी संवैधानिक स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने सीधे कार्रवाई न कर मामले को केंद्र के हवाले कर दिया. उन्होंने कहा कि यह फैसला राजनीतिक नहीं, बल्कि संवैधानिक मर्यादा को ध्यान में रखकर लिया गया है.

अली तौकीर शेख से 'गहरे संबंध' का आरोप

सरमा ने आरोप लगाया कि गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिज़ाबेथ के संबंध पाकिस्तान के एजेंट बताए जा रहे अली तौकीर शेख से 'काफी गहरे' रहे हैं. उनके मुताबिक, शेख ने 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत का दौरा किया, जब केंद्र में यूपीए सरकार थी.

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि असम सरकार की जांच शुरू होते ही शेख ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट हटा दिए.

'पाकिस्तानी कंपनी में नौकरी, फिर भारत ट्रांसफर'

सरमा ने यह भी आरोप लगाया कि एलिज़ाबेथ को एक पाकिस्तानी कंपनी में नौकरी दी गई थी, जिसने बाद में उन्हें भारत ट्रांसफर किया. उन्होंने कहा कि ये सभी घटनाएं उस समय की हैं जब केंद्र में डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार थी और गोगोई दंपति सत्ता के करीब माने जाते थे.

'IB से जुड़ी जानकारी शेयर करने' का दावा

मुख्यमंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एलिज़ाबेथ भारत से संवेदनशील जानकारियां जुटाकर अली तौकीर शेख के साथ साझा करती थीं. उन्होंने दावा किया कि 5 अगस्त 2014 को एलिज़ाबेथ ने शेख को एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें ‘लो रिस्क, लो विजिबिलिटी’ रणनीति अपनाने और केंद्र सरकार को बायपास करने की बात कही गई थी.

पाकिस्तान यात्राओं पर भी सवाल

सरमा के अनुसार, एलिज़ाबेथ ने इस्लामाबाद की कई यात्राएं कीं—पहले एक भारतीय कंपनी में काम करते हुए छह बार और बाद में एक NGO से जुड़ने के बाद तीन बार. उन्होंने दावा किया कि वह पाकिस्तान हवाई मार्ग से जाती थीं, लेकिन वापसी में अटारी बॉर्डर का इस्तेमाल करती थीं ताकि यात्रा कम चर्चा में रहे.

चुनावी हलफनामे में ‘पाकिस्तानी बैंक खाते’ का जिक्र नहीं

मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि गौरव गोगोई ने अपने चुनावी हलफनामे में अपनी पत्नी के पाकिस्तानी बैंक खाते का उल्लेख नहीं किया. उन्होंने कहा कि अब यह पूरा मामला केंद्रीय एजेंसियों की जांच के दायरे में आएगा और आगे की कार्रवाई वही तय करेंगी.

राज्य सरकार ने कहा – अब फैसला केंद्र करेगा

सरमा ने दोहराया कि राज्य सरकार ने अपनी ओर से कोई कठोर कदम नहीं उठाया है और अब इस मामले में आगे की कार्रवाई केंद्रीय एजेंसियों के हाथ में है. उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी.

ये भी देखिए: मलेशिया में चलेगा भारत का UPI! OCI से लेकर कांसुलेट तक... भारत–मलेशिया के बीच कई MoU साइन